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भ्रष्टाचार पर अदालत सख्त, दो कर्मचारियों को सजा और जुर्माना

रिश्वत लेने का दोनों पर दोष साबित

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अदालत ने सोमवार को भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामलों में सुनवाई करते हुए दो लोगों को दोषी करार दिया है। इनमें से एक नगर परिषद जींद में क्लर्क था, जबकि दूसरा बिजली निगम में सीए था। दोनों को चार-चार साल की कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।

अदालत में चले अभियोग के अनुसार नगर परिषद जींद में प्रोपर्टी आईडी बनाने की एवज में क्लर्क गांव फतेहगढ़ निवासी नरेश कुमार ने हांसी के मंडी सैनियान निवासी अजय से 10 हजार रुपये की मांग की थी। अजय ने पांच हजार रुपये नरेश को पहले दे दिए थे। वह पांच हजार रुपये और मांग रहा था।

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अजय ने इसकी शिकायत एंटी क्रप्शन ब्यूरो को दी थी। ब्यूरो की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में नरेश कुमार को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते काबू किया था। नरेश कुमार को ब्यूरो की टीम ने डीसी कार्यालय के सामने पार्क में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। ब्यूरो की टीम ने नरेश कुमार के खिलाफ 10 जून 2022 को मामला दर्ज किया था, तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को नरेश कुमार को अदालत ने दोषी करार देते हुए 4 साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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वहीं दूसरे मामले में बिजली निगम के सीए दुर्गेश ने हाउसिंग बोर्ड निवासी राजेश कुमार से उसकी बैटरी की फैक्टरी का लोड बढ़वाने की एवज में 10 लाख रुपये मांगे थे। दोनों की 5 लाख 32 हजार रुपये में सेटिंग हो गई। राजेश ने एक लाख 18 हजार रुपये पहले देना स्वीकार करते हुए बाकी के पैसे काम होने के बाद देने को कहा।

राजेश ने इसकी शिकायत एंटी क्रप्शन ब्यूरो को कर दी। टीम ने इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में राजेश को सीए दुर्गेश ने बिजली निगम के सब डिविजन दफ्तर हांसी रोड पर पैसे देने के लिए बुलाया। दुर्गेश को पैसे देते समय राजेश ने विजिलेंस को इशारा कर दिया। इस पर टीम ने दुर्गेश को पकड़ लिया। उसके हाथ धुलवाए गए तो नोटों में पाउडर लगे होने की वजह से लाल हो गए। इसके बाद दुर्गेश की तलाशी ली गई तो उसके पास से एक लाख 18 हजार रुपये बरामद हो गए। टीम ने तीन फरवरी 2019 को दुर्गेश के खिलाफ मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को अदालत ने दुर्गेश को इस मामले में दोषी करार देते हुए चार साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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