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कंबोडिया से बच्चों के साथ आई दुल्हन, 12 घंटे की पैरोल पर दूल्हा; कड़ी सुरक्षा में गैंगस्टर मैनपाल की शादी

ढिल्ला ने कंबोडिया की मेटा चान से की शादी; आजीवन कारावास की काट रहा है सजा हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बादली निवासी मैनपाल...

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गैंगस्टर मैनपाल अपनी पत्नी व बच्चों के साथ। फाइल फोटो
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ढिल्ला ने कंबोडिया की मेटा चान से की शादी; आजीवन कारावास की काट रहा है सजा

हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बादली निवासी मैनपाल ढिल्ला की बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा में शादी संपन्न हुई। झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित दुलीना फार्म हाउस में मैनपाल ने कंबोडिया निवासी मेटा चान के साथ हिंदू रीति-रिवाज से फेरे लिए। विवाह में शामिल होने के लिए उसे 12 घंटे की पैरोल मिली थी।

वह सुबह करीब 8 बजे जेल से बाहर आया और शाम 8 बजे रस्में पूरी होने के बाद वापस जेल लौट गया। विवाह समारोह स्थल को पुलिस सुरक्षा घेरे में रखा गया। समारोह में आने-जाने वाले रिश्तेदारों की जांच की गई। सुरक्षा व्यवस्था के चलते मीडिया को भी फार्म हाउस के अंदर जाकर कवरेज की अनुमति नहीं दी गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मी तैनात रहे।

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कंबोडिया से चार बच्चों के साथ आई मेटा चान

मेटा चान अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ विवाह समारोह में शामिल होने झज्जर पहुंची। परिवार में शादी को लेकर उत्साह का माहौल रहा। मेहमानों के लिए विभिन्न प्रकार के पकवान तैयार किए गए थे और करीब 500 से 600 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई। विवाह कार्ड के अनुसार दोपहर 12 बजे लंच, 2 बजे घुड़चढ़ी और 3 बजे बारात का कार्यक्रम तय था। पैरोल की समय सीमा को देखते हुए विवाह की प्रमुख रस्में निर्धारित अवधि में पूरी की गईं।

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2013 में हुई थी आजीवन कारावास की सजा

बादली निवासी मैनपाल ढिल्ला को वर्ष 2007 में बहादुरगढ़ सदर थाने में दर्ज मामले में हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र के अपराधों में दोषी ठहराया गया था। वर्ष 2013 में अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा वह दो अन्य मामलों में भी दोषी ठहराया जा चुका है।

2018 में पैरोल पर गया, विदेश में पकड़ा गया

मैनपाल को 17 जुलाई 2018 को हिसार सेंट्रल जेल से छह सप्ताह की पैरोल मिली थी। पैरोल अवधि पूरी होने के बाद वह जेल वापस नहीं लौटा और विदेश चला गया। उसके कंबोडिया में होने की जानकारी के बाद हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 6 नवंबर 2024 को इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी करवाया। कंबोडियाई अधिकारियों के सहयोग से उसे 24 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ महीने बाद 2 सितंबर 2025 को उसे कंबोडिया से भारत लाया गया। इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहा है। कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे विवाह में शामिल होने के लिए 12 घंटे की पैरोल दी गई थी।

मेटाचान ने सांसू मां से लिया आशीर्वाद

फार्महाउस में शादी की रस्मों के दौरान मेटाचान ने मैनपाल की मां रोशनी से आशीर्वाद लिया। सरारा-गरारा पहने मेटाचान परिवार के सदस्यों के साथ खुशी के माहौल में नजर आईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें शादी को लेकर बहुत खुशी हो रही है और उनके माता-पिता भी खुश हैं। मेटाचान ने बताया कि उनके चार बच्चों के नाम बाहुबली, भगत, आस्था और वंदना हैं। वह तीन बच्चों को अपने साथ लाई हैं, जबकि एक बेटी कंबोडिया में है, जिससे फोन पर संपर्क बना हुआ है।

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