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पाखंड के खिलाफ आर्य समाज तेज करेगा अभियान, 51 सदस्यीय समिति गठित

हिसार में चिंतन बैठक में आठ प्रस्ताव पारित; वैदिक और वैज्ञानिक विचारों के प्रचार पर जोर आर्य समाज हरियाणा के आह्वान पर रविवार को आर्य समाज नागोरी गेट में हिसार जिले के कार्यकर्ताओं की चिंतन बैठक एवं पाखंड खंडन...

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हिसार में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारीगण। -हप्र
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हिसार में चिंतन बैठक में आठ प्रस्ताव पारित; वैदिक और वैज्ञानिक विचारों के प्रचार पर जोर

आर्य समाज हरियाणा के आह्वान पर रविवार को आर्य समाज नागोरी गेट में हिसार जिले के कार्यकर्ताओं की चिंतन बैठक एवं पाखंड खंडन संगोष्ठी आयोजित की गई। राष्ट्रीय महासचिव युवा संन्यासी स्वामी आदित्यवेश की अध्यक्षता में हुई बैठक में पाखंड और नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने तथा वैदिक एवं वैज्ञानिक विचारों के प्रचार का संकल्प लिया गया।

बैठक में 8 प्रस्ताव पारित किए गए और आगामी रणनीति के लिए 51 सदस्यीय संघर्ष समिति गठित की गई। सूबे सिंह आर्य मुकलान को समिति का अध्यक्ष बनाया गया। स्वामी आदित्यवेश ने कहा कि आर्य समाज का उद्देश्य समाज में तार्किक और वैदिक विचारों को बढ़ावा देना तथा कथित पाखंड के खिलाफ शांतिपूर्ण और वैचारिक जनजागरण करना है।

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उन्होंने रामपाल दास से जुड़े मामलों और उनके अनुयायियों की गतिविधियों को लेकर संगठन की आपत्तियों का उल्लेख करते हुए सरकार से संबंधित मामलों की कानूनी प्रक्रिया के तहत समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर सामने आने वाले कथित आपत्तिजनक बयानों और धमकियों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई।

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बैठक में रामपाल दास से जुड़े कथित बयानों की जांच, उनकी जमानत की शर्तों एवं गतिविधियों की कानूनी समीक्षा तथा धनाना धाम से संबंधित कथित सोशल मीडिया वीडियो की जांच की मांग वाले प्रस्ताव पारित किए गए। सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कथित दुरुपयोग की जांच की मांग भी उठाई गई।

अन्य प्रस्तावों में पाखंड और नशे के खिलाफ खापों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान चलाने तथा ग्राम पंचायतों एवं खापों से गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े व्यक्तियों के सार्वजनिक महिमामंडन से बचने की अपील की गई। इस अवसर पर ‘गुरुदम’ नामक पाखंड विरोधी भजन भी जारी किया गया। कार्यक्रम में शमशेर आर्य, जगतपाल शास्त्री, इंद्रपाल, बलबीर देसवाल, देवेंद्र सैनी, डॉ. विवेकानंद, देवेंद्र उप्पल, इंद्रजीत शास्त्री, वेद प्रकाश, देवदत्त आर्य, आचार्य कर्मबीर, सूर्यदेव वेदांशु, अधिवक्ता हिमांशु खोवाल सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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