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फौजी परिवार ने अंगदान कर कायम की मानवता की मिसाल, छह जिंदगियों को मिली नई सांस

30 वर्षीय पत्नी के ब्रेन डेड होने पर पति का साहसिक फैसला, किडनी, लिवर, हृदय और कॉर्निया जरूरतमंदों को दिए देश की सीमा पर रक्षा करने वाले फौजी परिवार ने मानवता की ऐसी मिसाल कायम की है, जो समाज...

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रोहतक के पीजीआईएमएस में प्रेसवार्ता करते कुलपति डॉ एचके अग्रवाल। -हप्र
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30 वर्षीय पत्नी के ब्रेन डेड होने पर पति का साहसिक फैसला, किडनी, लिवर, हृदय और कॉर्निया जरूरतमंदों को दिए

देश की सीमा पर रक्षा करने वाले फौजी परिवार ने मानवता की ऐसी मिसाल कायम की है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन गई। चंडीमंदिर में तैनात जवान की 30 वर्षीय पत्नी के ब्रेन डेड होने के बाद पति ने निजी दुख से ऊपर उठकर अंगदान की सहमति दी। दो छोटे बच्चों की मां के अंगदान से 6 जरूरतमंद लोगों को जीवन की नई उम्मीद मिली।

महिला को ब्रेन हेमरेज के बाद कमांड अस्पताल चंडीमंदिर कैंट में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों द्वारा ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद आर्मी अस्पताल की ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर कर्नल डॉ. अनुराग की टीम ने परिजनों की काउंसलिंग की। पति ने कहा कि पत्नी वापस नहीं आ सकती, लेकिन उसके अंगों से किसी का सुहाग और किसी के बच्चों का सहारा बच सकता है।

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सोटो, रोटो और नोटो की प्रक्रिया के तहत एक किडनी कमांड अस्पताल चंडीमंदिर और दूसरी पीजीआईएमएस रोहतक को मिली। लिवर आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल, नयी दिल्ली भेजा गया। दोनों कॉर्निया चंडीमंदिर अस्पताल को दिए गए, जबकि हृदय नोएडा के अस्पताल भेजा गया।

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ग्रीन कॉरिडोर से रोहतक पहुंची किडनी

चंडीमंदिर से ग्रीन कॉरिडोर के जरिए किडनी पीजीआईएमएस रोहतक पहुंची। यहां कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. एसके सिंघल सहित चिकित्सकों और विद्यार्थियों ने फूल बिछाकर अंग का सम्मानपूर्वक स्वागत किया। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह केवल किडनी नहीं, बल्कि एक मां का आशीर्वाद है। उन्होंने बताया कि अंगों को समय पर पहुंचाने में हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सहयोग किया।

जनसंपर्क विभाग के सीनियर प्रो. इंचार्ज डॉ. मंजूनाथ बीसी ने बताया कि अंगों के आवंटन के साथ ही ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी शुरू कर दी गई थी। डॉ. अग्रवाल ने पुलिसकर्मियों और चिकित्सा टीम का आभार जताया। कुलपति ने लोगों से अंगदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि मृत्यु के बाद भी अंगदान के माध्यम से व्यक्ति कई जिंदगियों में जीवित रह सकता है।

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