सिर्फ पंजाब को ही क्यों ठहराते हैं जिम्मेदार?... ड्रग्स के मुद्दे पर BJP की यात्रा से पहले भगवंत मान का बड़ा सवाल
बीजेपी की 'नशा मुक्त यात्रा' से पहले मान का पलटवार: 'नशे के लिए पंजाब को क्यों दोषी ठहराया जाए?'
Polls Punjab : चुनाव वाले राज्य पंजाब में भाजपा की 'नशा मुक्त यात्रा' से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कड़ा पलटवार किया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे पंजाब को जानबूझकर ड्रग्स और कानून-व्यवस्था की समस्या से जूझ रहे राज्य के तौर पर दिखा रहे हैं, जबकि वे ड्रग्स की तस्करी के बड़े राष्ट्रीय नेटवर्क को नजरअंदाज कर रहे हैं।
डीजीपी गौरव यादव और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि पंजाब एक "शांतिप्रिय राज्य" बना हुआ है और उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था के रिकॉर्ड पर गलत तरीके से सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा के प्रस्तावित नशा-विरोधी अभियान पर तंज कसते हुए मान ने कहा कि केंद्र को सबसे पहले गुजरात के बंदरगाहों से देश में आने वाली ड्रग्स की खेप और भाजपा-शासित अन्य राज्यों में पकड़ी गई ड्रग्स के मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हम पंजाब में ड्रोन के जरिए भेजे गए कुछ किलो ड्रग्स ही जब्त कर पाते हैं लेकिन गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से जब्त किए गए 3,000 किलो ड्रग्स का क्या? उस पर कोई बात क्यों नहीं होती? उन्हें बस दोष मढ़ना और बदनाम करना आता है। वे अपने मुंद्रा बंदरगाह पर ध्यान दें।"
सीएम मान ने कहा कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति इसे सीमा पार से होने वाली तस्करी के लिए खास तौर पर संवेदनशील बनाती है। राज्य की पाकिस्तान के साथ 533 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है और देश का प्रवेश द्वार होने के कारण, यहां सीमा पार से ड्रग्स और हथियार भेजने की लगातार कोशिशें होती रहती हैं। पंजाब पुलिस का लगभग 40 प्रतिशत बल BSF की मदद के लिए तैनात किया गया है, जबकि राज्य पुलिस ने अपनी एंटी-ड्रोन क्षमता को मजबूत किया है और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए नई गाड़ियाँ खरीदी हैं।
1,777 गैंगस्टर गिरफ्तार: मान
ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए मान ने कहा कि 1,777 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि प्रत्यर्पण से जुड़े 28 मामलों पर कार्रवाई की गई और 18 आरोपियों को भारत वापस लाया गया। हालांकि, DGP गौरव यादव ने कहा कि चल रही कार्रवाई के दौरान 3,177 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया और 1,234 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 1 मार्च, 2025 से NDPS एक्ट के तहत 7,582 FIR दर्ज की हैं, और जिन मामलों में ट्रायल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें सजा दिलाने की दर 89 प्रतिशत रही है।
डीजीपी यादव ने कहा कि मोल्दोवा से गैंगस्टर अमृतपाल सिंह डालम की गिरफ्तारी पंजाब पुलिस द्वारा पकड़े गए 10वें अंतरराष्ट्रीय भगोड़े की गिरफ्तारी थी। उन्होंने कहा कि चूंकि भारत का मोल्दोवा के साथ कोई प्रत्यर्पण समझौता नहीं है, इसलिए पुलिस ने उसकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए आपसी सहयोग और संप्रभु आश्वासनों के सिद्धांत का सहारा लिया। डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने अंतर-राज्यीय अभियानों को भी तेज कर दिया है और पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रही है।
54 AK-47 राइफलें कहां से आईं?
ग्रेनेड हमलों की हालिया घटनाओं पर यादव ने कहा कि इन मामलों में आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी 43 घटनाओं की रिपोर्ट मिली है और पुलिस ने इनके पीछे शामिल लोगों का पता लगाने में काफी प्रगति की है। सीएम मान ने पंजाब में ड्रग्स, संगठित अपराध और अवैध हथियारों के नेटवर्क के बीच कथित सांठ-गांठ का मुद्दा भी उठाया।
असॉल्ट राइफलें बरामद होने का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा, "54 AK-47 राइफलें कहां से आईं?" उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पंजाब के लिए नुकसानदेह हैं और इन्हें सिर्फ राज्य की कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि उन्हें यह बात "हंसी वाली" लगती है कि सालों तक पंजाब में शासन करने के बाद अब SAD गैंगस्टरों का मुद्दा उठा रही है।
हालांकि, जब उनसे नाभा जेल से भागने के आरोपी गुरप्रीत सिंह सेखों के AAP में शामिल होने के बारे में पूछा गया, तो मान ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियां तेजी से "ईगल पॉलिटिक्स" अपना रही हैं और पंजाब के विकास पर चर्चा करने के बजाय उनके खिलाफ नारे लगा रही हैं।
मान ने कोयले और बीज कानून को लेकर केंद्र पर निशाना साधा
मान ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने नॉर्थ जोनल काउंसिल की बैठकों में ड्रग तस्करी का मुद्दा कई बार उठाया है और दूसरे राज्यों व बंदरगाहों के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने के लिए केंद्र पर दबाव बनाना जारी रखेंगे।
बिजली की स्थिति पर मान ने कहा कि तत्काल संकट हल हो गया है और उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की है। उन्होंने कहा कि पंजाब अपने थर्मल प्लांटों (निजी प्लांटों सहित) के लिए अपनी आवंटित कोयला खदान से निकले कोयले का इस्तेमाल करना चाहता है और उसने कोल इंडिया से निजी प्लांटों में भी इसके इस्तेमाल की इजाज़त देने का अनुरोध किया है।
मान ने कहा कि पुलिसिंग को मज़बूत करने के लिए जल्द ही DSP रैंक के अधिकारियों को नई गाड़ियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित बीज अधिनियम को लेकर केंद्र की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि भारत के प्रमुख राज्यों में से एक होने के बावजूद, पंजाब को उस समूह में शामिल नहीं किया गया जो इस कानून पर निर्णय लेने के लिए गठित किया गया था।

