मुख्तार अंसारी को पंजाब में रखने पर विधानसभा में हंगामा

फर्जी एफआईआर पर जेल में रहा, अब होगा केस दर्ज

मुख्तार अंसारी को पंजाब में रखने पर विधानसभा में हंगामा

चंडीगढ़, 28 जून (ट्रिन्यू)

उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल में वीआईपी सुविधाओं के साथ रखने के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। पंजाब के जेल मंत्री ने इस मामले में जहां एफआईआर के आदेश जारी कर दिए वहीं कांग्रेस ने गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के मुद्दे पर आप सरकार को घेरा। मामला बढ़ते देख विधानसभा स्पीकर ने हस्तक्षेप किया और सभी विधायकों को निर्देश दिए कि वह केवल बजट पर चर्चा करें।

विधानसभा में मंगलवार से आम बजट पर चर्चा शुरू हुई। कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा खनन का मुद्दा उठाए जाने पर खनन एवं जेल मंत्री हरजोत बैंस ने सदन में खनन पर तीन माह के भीतर किए गए कार्यों पर रिपोर्ट पेश करनी शुरू की। इस हंगामे के बीच हरजोत बैंस ने जेलों में किए गए बदलाव पर बोलना शुरू किया। इस बीच हरजोत बैंस ने कहा कि पंजाब की पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान मोहाली में एक फर्जी एफआईआर दर्ज करके गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को दो साल तीन महीने तक रूपनगर की जेल में रखा। जेल मंत्री की इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरना शुरू कर दिया। बाजवा ने कहा कि बजट पर चल रही चर्चा को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है। इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक हंगामा हुआ। कांग्रेसी विधायक अपनी कुर्सियां छोडक़र स्पीकर की वेल तक बढ़े। हंगामे के बीच स्पीकर ने स्थिति संभाली और सभी विधायकों व मंत्रियों को निर्देश दिए कि वह केवल बजट पर ही चर्चा करें।

अंसारी की पत्नी भी बैरक में साथ रही

मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि जेल की जिस बैरक में 25 कैदी होने चाहिए थे उसमें केवल अंसारी को रखा गया और उसकी पत्नी भी साथ रही। जेल मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि जिस एफआईआर के बल पर अंसारी को रोपड़ जेल में रखा गया उसमें कभी चालान ही पेश नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कई बार अंसारी के प्रॉडक्शन वारंट जारी करवाए लेकिन पंजाब की पूर्व कांग्रेस सरकार ने उनका कभी जवाब नहीं दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो पंजाब सरकार ने वहां पर अंसारी का बचाव करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक प्राइवेट वकील की सेवाएं ली। जेल मंत्री बैंस ने कहा कि एक गैंगस्टर की पैरवी के लिए वकील का 55 लाख का बिल पंजाब सरकार के पास अदायगी के लिए आया हुआ है। बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार ने नियमों का उल्लंघन करके गैंगस्टर को संरक्षण दिया। जिसके चलते एफआईआर के आदेश जारी किए हैं।

सिमरनजीत सिंह मान हुए कोरोना पॉजिटिव

पंजाब के संगरूर लोकसभा से सांसद बने शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान कोरोना संक्रमित हो गए हैं। मान एक सप्ताह के एकांतवास में चले गए हैं। यह जानकारी मान ने खुद मंगलवार को ट्वीट करके दी। हाल ही में संगरूर लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव के दौरान अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने आप प्रत्याशी गुरमेल सिंह को हराया था। बीती 26 जून को सिमरनजीत सिंह मान जब धूरी में रोड शो कर रहे थे तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उसके बाद मामूली बुखार के चलते डाक्टरों ने उन्हें घर पर ही रहने की सलाह दी। इसी दौरान मंगलवार को मान ने ट्वीट करके बताया कि पिछले दो दिनों से उन्हें गलें में इंफैक्शन महसूस हो रही थी। जिसके चलते उन्होंने टेस्ट करवाया तो उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है। मान को डाक्टरों ने एक सप्ताह के लिए घर में रहने के निर्देश दिए हैं।

कर्मचारियों को मिलेंगे 6वें वेतन आयोग के लाभ

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा है कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार एरियर देगी। बजट सत्र के दौरान विधायक डा. चरणजीत सिंह ने यह मुद्दा उठाया जिसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि वेतन आयोग की रिपोर्ट वर्ष 2016 में लागू हो चुकी है। आयोग की सिफारिशों के अनुसार कर्मचारियों को एरियर देने से पंजाब के खजाने पर हर साल 2165 करोड़ रुपये का सालाना बोझ पड़ेगा। इसके अलावा पेंशन भोगियों को यह सुविधा देने से 2527 करोड़ का अतिरिक्त बोझ खजाने पर पड़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों व पेंशन भोगियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने के लिए तैयार है। जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर फैसला लिया जाएगा।

शराब ठेकों की अलाटमेंट पर कोर्ट ने लगाई रोक

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में शराब ठेकों की अलॉटमेंट पर रोक लगा दी है। ठेकों की अलॉटमेंट अब शराब पॉलिसी को संबंध में दायर याचिका पर होने वाले फैसले पर निर्भर करती है। हाईकोर्ट ने आज आबकारी नीति के खिलाफ दायर चार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। नई पॉलिसी में सरकार ने पंजाब में शराब के ग्रुप 750 से घटाकर 177 कर दिए हैं। अब एक ग्रुप 30 करोड़ का कर दिया गया है। पहले यह 4 करोड़ का था। ऐसे में छोटे कारोबारी रेस से बाहर हो गए हैं। सरकार ने इससे पिछले साल 6158 करोड़ के मुकाबले 9647 करोड़ रुपए की कमाई का टारगेट रखा है। पंजाब सरकार की आबकारी नीति के विरोध में दायर याचिका में कहा गया है कि सरकार शराब कारोबार में मोनोपली को बढ़ावा दे रही है। सरकार की यह नीति एक जुलाई से लागू होने जा रही है। इससे पहले ही हाईकोर्ट ने ठेके की अलॉटमेंट रोक दी है। याचिका की पैरवी कर रहे एडवोकेट मोहन जैन के मुताबिक नई एक्साइज पॉलिसी में पंजाब एक्साइज एक्ट 1914 और पंजाब लिकर लाइसेंस एक्ट 1956 का उल्लंघन किया गया है।

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