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पार्क, होटल व मैरिज पैलेस में नहीं होंगे आनंद कारज

अकाल तख्त साहिब पर बैठक, सिंह साहिबानों ने लिया फैसला

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अमृतसर में मीडिया से बात करते अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज। -विशाल कुमार
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अकाल तख्त साहिब पर रविवार को पांच सिंह साहिबानों की संयुक्त बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। वर्ष 2025 की अंतिम बैठक में लिए गए कई फैसले सीधे सिख संगत से जुड़े हुए हैं। सिंह साहिबानों की बैठक के बाद अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदारी कुलदीप सिंह गड़गज ने बताया कि सिख धर्म में अब आनंद कारज केवल गुरुद्वारों में ही होगा। पार्कों, होटलों और अन्य खुले या व्यवसायिक स्थानों पर आनंद कारज की पूर्णत:मनाही होगी। गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को किसी भी विवाह स्थल पर ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उल्लंघन की स्थिति में पावन स्वरूप प्रदान करने वाले व्यक्ति, आनंद कारज करवाने वाले रागी जत्थे और संबंधित स्थानों के मालिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। विशेष तौर पर चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में सामने आ रहे ऐसे मामलों पर भी बैठक में चिंता व्यक्त की गई। सभी ग्रंथी सिंह, रागी जत्थे, प्रबंधक एवं सेवादार इन आदेशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।

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बैठक में मौजूद तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी टेक सिंह, सचखंड श्री हरिमंदर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी परविंदरपाल सिंह, सिंह साहिब ज्ञानी केवल सिंह तथा तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी जुगिंदर सिंह ने एकमत से इन फैसलों पर सहमति जताई और सिख समुदाय से इनके पालन की अपील की।

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खास फैसला ये रहा कि पावन स्वरूपों से जुड़े मामलों में कोई भी राजनीतिक दल हस्तक्षेप नहीं करेगा। वर्तमान सरकार और सत्ताधारी राजनीतिक दल को चेतावनी दी गई कि यदि सिखों के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बंद नहीं किया गया, तो पंथक परंपराओं के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में एआई आधारित वीडियो और आर्टिफिशियल फिल्मों के निर्माण पर यह निर्णय लिया गया है कि धार्मिक विषयों पर इस प्रकार की एआई फिल्में नहीं बनाई जा सकती, क्योंकि इससे सिख मर्यादाओं और परंपराओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

एसजीपीसी की अनुमति के बिना सिख इतिहास से संबंधित कोई भी फिल्म नहीं बनाई जा सकती। इस फैसले की प्रतियां देश के प्रमुख फिल्म निर्माताओं को भेजी जाएंगी। गड़गज ने बताया कि शरारती तत्वों द्वारा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर सिखों के विरुद्ध नफरत फैलाई जा रही है, लेकिन पुलिस इन्हें बंद कराने या दोषियों को गिरफ्तार करने में विफल रही है।

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