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परिवार के लगाए, नशा कर8ाकर खतरनाक काम करवाता था ठेकेदार

फरवाही में हादसे में मजदूर बॉबी की गई थी जान

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बरनाला जिले के गांव फरवाही में जैक से मकान ऊंचा उठाने के दौरान हुए भयानक हादसे ने जहां तीन घरों के चिराग बुझा दिए हैं, वहीं मृतक मजदूर वरिंदर सिंह बॉबी के परिवार की दास्तां सुनकर हर आंख नम है। घटनास्थल पर पहुंची बॉबी की बुजुर्ग माता चरणजीत कौर का विलाप पत्थरों को भी पिघला रहा था। बॉबी अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, जिसकी मौत से एक पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। मोगा जिले के गांव दुसांझ (तलवंडी) की रहने वाली बेबस मां चरणजीत कौर ने बताया कि उसकी जिंदगी दुखों की एक लंबी कहानी बनकर रह गई है। इस हादसे से पहले उसके पति की मौत हो चुकी थी और कुछ समय पहले उसका 16 वर्षीय छोटा बेटा भी संसार से रुखसत हो गया था। वरिंदर सिंह बॉबी ही उसका आखिरी सहारा था, जो अब मलबे के नीचे दबकर अपनी जान गंवा बैठा है। बॉबी अपने पीछे बूढ़ी मां के अलावा पत्नी, दो मासूम बेटे और एक छोटी बेटी छोड़ गया है, जिनके सिर से पिता का साया सदा के लिए उठ गया है।

मृतक की माता ने मकान उठाने वाले ठेकेदार रंजीत सिंह पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार गरीब नौजवानों की मजबूरी का फायदा उठाता था। उन्होंने दावा किया कि रंजीत सिंह नौजवानों को 'चिट्टे' (नशीला पाउडर) और नशीली गोलियों के नशे पर लगाकर उनसे खतरनाक काम लेता था। चरणजीत कौर के अनुसार, उनके बेटे को भी इसी नर्क में धकेला गया था ताकि वह बिना डर और थकान के जोखिम भरा काम कर सके। परिवार ने बताया कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद ठेकेदार रंजीत सिंह ने उन्हें सूचित करने तक की जहमत नहीं उठाई। बॉबी की मौत के बाद परिवार में कोई भी कमाने वाला सदस्य नहीं बचा है। छोटे-छोटे बच्चों के भविष्य और घर के गुजारे को लेकर बुजुर्ग मां चिंता में डूबी हुई है। पीड़ित परिवार ने पंजाब सरकार और बरनाला प्रशासन से मांग की है कि दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और अनाथ हुए बच्चों के पालन-पोषण के लिए तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए।

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