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मोहाली में कारोबारी के घर पर फायरिंग करने वालों को पनाह देने वाले का सीआईए कर रही थी पीछा

सेक्टर-52 फायरिंग मामला, पुलिस बोली- मनीष ने पहले चलाई गोली

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फायरिंग के मामले में आरोपी को पकड़ने के बाद जांच करती पुलिस।
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सेक्टर-52 में देर रात हुई फायरिंग मामले में जिस मनीष को गोली लगी, उसने कुछ दिन पहले जुबली वॉक के मालिक के घर पर गोलियां चलाने वाले आरोपियों को पनाह दी थी। सीआईए मोहाली को उसके मोहाली में होने की इनपुट मिली थी। मनीष अपनी एक महिला साथी के साथ एंडेवर गाड़ी में था। पीछा करते हुए सेक्टर-52 में जब सीआईए टीम ने गाड़ी को घेरा तो उसने फायरिंग कर दी। यह कहानी पुलिस की है लेकिनघायल मनीष के साथ मौजूद उसकी दोस्त के बयानों से घटनाक्रम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस का दावा है कि मनीष का मोहाली से पीछा किया जा रहा था और उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। वहीं, मनीष की दोस्त हरमन ने आरोप लगाया है कि सिविल कपड़ों में पहुंचे करीब पांच युवकों ने अचानक मनीष पर गोलियां चला दीं। इनमें कुछ लोग पुलिसकर्मी जैसे दिखाई दे रहे थे।सीआईए इंस्पेक्टर प्रदीप बाजवा के मुताबिक, पुलिस ने पहले फायरिंग नहीं की थी। उन्होंने बताया कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के जरिए मनीष की भूमिका के बारे में जानकारी मिली थी। आरोप है कि फेज-10 में कारोबारी के घर और 24-59 हाउस नंबर के साथ-साथ जुबली वॉक के मालिक/पार्टनर के घर के बाहर फायरिंग करने वाले आरोपियों को मनीष ने पनाह दी थी। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और मोहाली से उसका पीछा किया।
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दोस्त बोली- पेट्रोल पंप पर पहुंचे तो युवकों ने घेर लिया

दूसरी तरफ मनीष की दोस्त हरमन ने पुलिस के दावे से अलग घटनाक्रम बताया। उसके मुताबिक, मनीष देर रात उसके साथ सेक्टर-52 में पेट्रोल डलवाने पहुंचा था। उनका मोहाली से ही कुछ युवक पीछा कर रहे थे। सेक्टर-52 पहुंचते ही सिविल कपड़ों में करीब पांच युवक वहां आए और मनीष पर फायरिंग शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने मनीष को गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश भी की।

हरमन के अनुसार, फायरिंग के दौरान एक गोली मनीष के पेट में लगी। घायल होने के बावजूद वह गाड़ी चलाकर वहां से निकला और रास्ते में अपने दोस्तों को फोन किया। इसके बाद उसे चंडीगढ़ स्थित पीजीआई ले जाया गया, जहां उसका ऑपरेशन किया गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।

परिवार ने जताया जान का खतरा

मनीष की बहन वंदना के मुताबिक, उसके भाई के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है और वह करीब एक महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। परिवार ने उसकी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई है।

फिलहाल पुलिस के दावे और मनीष की दोस्त के बयान में बड़ा अंतर सामने आया है। पुलिस जहां इसे आरोपी का पीछा करने के दौरान हुई कार्रवाई बता रही है, वहीं मनीष की दोस्त इसे अचानक किए गए हमले के रूप में बता रही है। मौके के सीसीटीवी फुटेज, गोलीबारी की दिशा, बरामद साक्ष्य और अन्य जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सेक्टर-52 में फायरिंग की शुरुआत किस तरफ से हुई थी।

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