पंजाबी यूनिवर्सिटी के डीन भाषा कार्यालय द्वारा कवयित्री डॉ. जगदीप कौर आहूजा के महाकाव्य ‘कलिजुगि प्रमाणु नानक गुरु’ का लोकार्पण करते हुए एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।उपकुलपति डॉ. जगदीप सिंह ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि श्री गुरु नानक देव जी पूरी दुनिया के लिए हमेशा मार्गदर्शक रहे हैं। हम प्रतिदिन उनकी वाणी से ऊर्जा प्राप्त कर अपने जीवन की गतिविधियाँ संचालित करते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. आहूजा बधाई की पात्र हैं कि उन्होंने गुरु साहिब के संदर्भ में इस महाकाव्य का सृजन कार्य पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हर लेखक की अपनी सृजन शक्ति होती है, जिसके माध्यम से वह संकल्पों को नई परिभाषा देता है। विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित विश्व पंजाबी साहित्य सभा, कनाडा के अध्यक्ष सतबीर सिंह ने कहा कि इस महाकाव्य की भाषा अत्यंत सरल और स्पष्ट है। डीन अकादमिक मामले डॉ. जसविंदर सिंह बराड़ ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी पंजाबी साहित्य और संस्कृति के प्रसार के लिए कार्य कर रही है। इस क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों को मंच प्रदान करना हमारा मुख्य उद्देश्य है।रजिस्ट्रार डॉ. दविंदरपाल सिंह सिद्धू ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और डॉ. बलविंदर कौर सिद्धू, डीन भाषाएँ ने स्वागत भाषण दिया।इस अवसर पर डीन शोध डॉ. रितु लहल, सिख विश्वकोश विभाग के प्रमुख डॉ. परमवीर सिंह, पंजाबी भाषा विकास विभाग के प्रमुख डॉ. गुरसेवक सिंह लंबी, हिंदी विभाग की प्रमुख डॉ. रजनी, अंग्रेज़ी विभाग के प्रमुख डॉ. धर्मजीत सिंह, संस्कृत विभाग के प्रमुख डॉ. पुष्पिंदर जोशी, विदेशी भाषाएँ विभाग के प्रमुख डॉ. मयंक आनंद, फ़ारसी, उर्दू एवं अरबी विभाग के प्रमुख डॉ. रहमान अख्तर, भाषा विज्ञान एवं पंजाबी कोशकारिता विभाग की प्रमुख डॉ. हरविंदरपाल कौर के अलावा डॉ. परमीत कौर, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. नवजोत खोसला, नवाब शेर मोहम्मद खान इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़, मलेरकोटला से प्रोफेसर डॉ. रुबीना शबनम तथा श्री भगवान दास गुप्ता आदि उपस्थित थे।