लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के जीएच3 हॉस्टल में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म के आरोपों के बीच शनिवार देर रात विश्वविद्यालय परिसर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ। छात्रों ने तोड़फोड़ एवं आगजनी की और जालंधर-फगवाड़ा एनएच-44 को जाम कर दिया। प्रदर्शन के वायरल हुए वीडियो में प्रदर्शनकारी परिसर में रखे मिग-23 लड़ाकू विमान पर भी चढ़ते दिखे।यह घटना राजपुरा के पास स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हुई। वहां भी गर्ल्स हॉस्टल से दो छात्राओं के लापता होने एवं आत्महत्या करने के दावों के बाद प्रदर्शन हुए थे।रातभर बवाल के बाद कपूरथला पुलिस ने रविवार सुबह एलपीयू के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया और विशेष जांच दल गठित कर दिया गया। वहीं, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने परिसर में रेप की किसी घटना से इनकार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को अफवाह और झूठ पर आधारित बताया है। एलपीयू प्रशासन ने जीएच3 हॉस्टल के कथित घटना वाले कमरा नंबर 504 का वीडियो जारी किया। वीडियो में तीन छात्राएं कहती नजर आईं, ‘हम पिछले दो महीने से इस कमरे में रह रही हैं। यहां कुछ नहीं हुआ है।’ जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने कहा, ‘हॉस्टल में गहन जांच की जा रही है। हम सीसीटीवी फुटेज हासिल कर रहे हैं।’ डीआईजी ने यह भी कहा कि 15 दिन पहले तेलंगाना की एक छात्रा ने आत्महत्या की थी, उसकी जांच भी जारी है।‘पीड़ित’ और आरोपी के बारे में अलग-अलग दावेवायरल वीडियो में मीडिया से बात करते हुए एलपीयू के छात्रों ने दावा किया कि उनका गुस्सा परिसर में काम करने वाले एक बाहरी कर्मचारी के खिलाफ था। छात्रों के अनुसार, उक्त कर्मचारी ने 23 सितंबर को जीएच3 हॉस्टल में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। छात्रों ने आरोपी को कभी पेंटर, कभी प्लंबर और कभी निर्माण कार्य से जुड़ा कर्मचारी बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें छात्रा की पहचान या उसके वर्तमान ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं है। कुछ छात्रों ने दावा किया कि छात्रा अपने घर लौट गई थी और बाद में उसने आत्महत्या कर ली।प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश : रजिस्ट्रारलवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने कहा, ‘कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पूरी तरह झूठी, निराधार और मनगढ़ंत अफवाहें फैला रहे हैं। इससे छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है और विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।’