पंजाबी गीतों में गन व नशा कल्चर को प्रमोट न करें गायक

मुख्यमंत्री मान ने कलाकारों को दी नसीहत, बोले-गायकों को फॉलो करते हैं युवा

पंजाबी गीतों में गन व नशा कल्चर को प्रमोट न करें गायक

चंडीगढ़, 13 मई (ट्रिन्यू)

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाबी गायकों व गीतकारों को आह्वान किया है। वह गीतों के माध्यम से गन व नशा कल्चर को प्रमोट करना बंद करें। कलाकार गीतों के माध्यम से सकारात्मक संदेश दें। पंजाब के लोक गायकों व गीतकारों द्वारा गैंगस्टर, हथियार तथा नशों को लेकर जारी करने वाले गीतों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। पंजाब की पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में भी यह मुद्दा उठा था। कांग्रेस सरकार के समय में हथियारों को प्रमोट करने वाले गीतों को लेकर एक गायक के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था। अब पिछले कुछ दिनों से पंजाबी गायकों द्वारा गीतों में खुलेआम हथियारों का इस्तेमाल करते हुए गैंगस्टर कल्चर को प्रमोट किया जा रहा है जिसके चलते पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद फ्रंट पर आए हैं। भगवंत मान की पृष्ठभूमि भी एक कलाकार की रही है। मान ने कहा कि नौजवान वर्ग गायकों व कलाकारों को अपना रोल मॉडल मानता है। आजकल आ रहे गीतों में गैंगस्टर कल्चर, एक-दूसरे से बदला लेने, हथियारों का इस्तेमाल करने तथा नशों का इस्तेमाल करते हुए दिखाया जा रहा है। भगवंत मान ने पंजाबी कलाकारों को पंजाब की ऐतिहासिक संस्कृति प्रमोट करने की अपील करते हुए कहा कि उनके द्वारा पेश किए जा रहे भडक़ाऊ गीतों के कारण युवा गलत राह पर चल रहे हैं। परिवारिक गीतों व अन्य विषयों के गीतों को दिखाया जाना समय की मांग है। भगवंत मान ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो सरकार सख्ती करेगी, फिलहाल यह अपील है। बृहस्पतिवार को हुई जिला उपायुक्तों तथा एसएसपी की बैठक के दौरान भी यह मुद्दा उठा था। जिसमें पुलिस ने फीडबैक दिया था गीतों में दिखाए जाने वाले हथियारों को देखते हुए पंजाब में हथियारों का चलन बढ़ रहा है। लोग पर्दे पर हथियार देखकर वैसे ही हथियार खरीद रहे हैं।

कदम स्वागत योग्य : प्रीत हरपाल

मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस पहल का स्वागत करते हुए पंजाब के मशहूर लोक गायक प्रीत हरपाल ने कहा कि यह स्वागत योग्य कदम है। इसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं है कि लोग घेरलू व सांस्कृति गीत पसंद नहीं करते हैं। दूसरी तरफ पंजाबी गायक रेशम अनमोल ने कहा कि बहुत हद तक सुनने वालों पर भी निर्भर करता है। यह केवल सरकार का नहीं हम सभी की जिम्मेदारी बनती है। जनता भी ऐसे गीतों का विरोध करे तो कलाकार खुद ही गाना बंद कर देंगे। आज के युवा गन व गैंगस्टर कल्चर के गीतों को अधिक पसंद करते हैं। इसके बावजूद वह सरकार के साथ है। हिंसा का संदेश देने वाले गीत बंद होने चाहिए।

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