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सिख धर्म एक अलग और विशिष्ट धर्म : मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख ने गोष्ठी को किया संबोधित

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मोहन भागवत की फाइल फोटो। -प्रेट्र
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख डा. मोहन भागवत ने कहा है कि आरएसएस सिख धर्म को एक अलग और विशिष्ट धर्म मानता है। भागवत ने लुधियाना में एक आउटरीच कार्यक्रम के दौरान यह बात एक गोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। इसमें उन्होंने आरएसएस के बारे में समाज के विभिन्न वर्गों में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया। भागवत ने जोर देकर कहा कि आरएसएस सभी को समान रूप से मानता है और ''हिंदू'' को एक जीवन शैली के रूप में देखता है, न कि एक धर्म के रूप में।

उन्होंने आलोचकों से आरएसएस को समझने के बाद ही टिप्पणी करने की अपील की और कहा कि संगठन रचनात्मक आलोचना का स्वागत करता है। भागवत ने दोहराया कि आरएसएस का लक्ष्य भारत को मजबूत करना और सभी नागरिकों को शामिल करना है, चाहे उनकी जाति, धर्म या क्षेत्र कुछ भी हो। कार्यक्रम में डा. भागवत के संबोधन को छोड़ शेष कार्य पंजाबी भाषा में आयोजित किया गया था, जिसमें मंच संचालन, सामग्री आमंत्रित कार्ड, बैनर इत्यादि सभी गुरुमुखी लिपि में प्रस्तुत किये गये थे।

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