Sangrur Suicide Case: पंजाब में दलित युवक की खुदकुशी मामले में सरपंच समेत चार के खिलाफ केस दर्ज
Sangrur Suicide Case: पंजाब के संगरूर जिले में पिछले महीने 23 साल के दलित युवक की कथित आत्महत्या के मामले में एक ग्राम सरपंच समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी...
Sangrur Suicide Case: पंजाब के संगरूर जिले में पिछले महीने 23 साल के दलित युवक की कथित आत्महत्या के मामले में एक ग्राम सरपंच समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि कनोई गांव के रहने वाले सनमदीप सिंह ने कथित तौर पर 26 सितंबर को जहर का सेवन कर लिया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके परिवार का आरोप है कि गांव के सरपंच दीप सिंह और उनके कुछ साथियों द्वारा परेशान किए जाने और डराए-धमकाए जाने के बाद उसने यह कदम उठाया।
इससे पहले दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह की सात सितंबर को यहां कथित रूप से जहर का सेवन करने से मौत हो गई थी। उसके परिवार का आरोप था कि एक दिन पहले दिरबा में एक कार्यक्रम के दौरान अपने इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के बारे में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल पूछने पर उसे परेशान किया गया और जातिसूचक शब्द कहे गए।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर विरोध कर रहे सनमदीप के परिवार के कुछ सदस्यों को वहां से हटाया और कथित तौर पर उसके परिवार के निकट संबंधियों की अनुपस्थिति में उसका अंतिम संस्कार करवाया। सनमदीप के परिजनों ने इस मामले में गांव के सरपंच और अन्य लोगों की गिरफ्तारी और परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरना दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच दीप सिंह किसी पुरानी बात को लेकर सनमदीप से रंजिश रखते थे। उन्होंने मांग की कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी जोड़े जाएं।
कांग्रेस नेता राजिंदर दीपा ने भी बृहस्पतिवार को उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जिन्होंने युवक को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया था। बाद में, पुलिस ने दीपा और तीन अन्य लोगों को पुलिस के काम में बाधा डालने, उनके साथ दुर्व्यवहार करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपाधीक्षक सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सनमदीप का शव तेजी से सड़ने लगा था और अस्पताल के डॉक्टरों की राय थी कि बिना देरी किए अंतिम संस्कार कर दिया जाना चाहिए। डीएसपी ने बताया कि सनमदीप के पिता की शिकायत पर 28 सितंबर को सरपंच और तीन अन्य लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। विपक्षी पार्टियों ने आत्महत्या की इस नई घटना को लेकर भगवंत मान सरकार की आलोचना की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट ने शुक्रवार को कहा कि संगरूर में ''सरपंच के दबाव के कारण'' युवक सनमदीप सिंह की कथित आत्महत्या का मामला ''बेहद गंभीर'' है। पायलट ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''दलित युवक सनमदीप सिंह की मौत के बाद उनके परिवार की मौजूदगी और सहमति के बिना अंतिम संस्कार किए जाने के जो आरोप सामने आए हैं, वे बेहद गंभीर हैं और यह संवेदनशील मुद्दा है।''
पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले में लोग दबाव और डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। पायलट ने कहा, ''अगर जनता लगातार दबाव का सामना कर रही है और न्याय के लिए संघर्ष कर रही है, और ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जिनमें लोग ऐसे हालात में आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।''
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि युवक के लिए न्याय की मांग को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं लेकिन कांग्रेस नेता दीपा के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया गया है।
पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि एक दुखी दलित परिवार, जो अपने 23 साल के बेटे सनमदीप सिंह के लिए न्याय की मांग कर रहा था, उसे घसीटकर ले जाया गया, हिरासत में लिया गया और यहां तक कि उन्हें अपने बेटे का अंतिम संस्कार सम्मान सहित नहीं करने दिया गया। बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री मान को जवाब देना चाहिए कि ''अपने बेटे के लिए न्याय मांगने पर एक दुखी दलित परिवार के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव क्यों किया गया?''

