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Punjab News : पत्नी की हत्या के आरोप में भगौड़ा बिहार रेजिमेंट का कैप्टन गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के छिंडवाड़ा जिले में ज्यूस फैक्ट्री में कर रहा था नौकरी

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Punjab News : पत्नी की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद भगौड़ा हुए सेना के सस्पेंड कैप्टन को थाना नं. 1 की पुलिस ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की एक ज्यूस फैक्ट्री से काबू करने में सफलता हासिल की है। जिसे अदालत में पेश किया जाएगा। वर्ष 2013 में विवाहिता की मौत के बाद सेना के कैप्टन पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था लेकिन वर्ष 2022 में यह मामला हत्या में तब्दील हो गया और अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इस बारे में प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से कानपुर के बर्रा रोड़ मकान नं. 136 का निवासी संदीप तोमर पुत्र मंगल सिंह सेना में बतौर कैप्टन अबोहर की सैनिक छावनी में नियुक्त था। इस दौरान वर्ष 2013 में संदीप की पत्नी श्वेता सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिस पर अबोहर की थाना नं. 1 की पुलिस ने प्राथमिक जांच पड़ताल के बाद मृतका के पिता राम नरेश के बयानों पर संदीप तोमर सहित उसके माता-पिता के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मुकदमा नं. 126 दर्ज किया था।

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इसके बाद संदीप को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। इधर मामले की सुनवाई के दौरान 23-9-2022 को संदीप तोमर पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप सिद्ध हो गया और उसे हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। लेकिन संदीप अदालत से भगौड़ा हो गया। इसके बाद वह अपना पता और वेष बदल कर मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक ज्यूस फैक्ट्री में बतौर इंचार्ज नौकरी करने लगा। इधर पुलिस भगौडा संदीप की तलाश में जुटी हुई थी। करीब 4 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस को संदीप का सुराग लगते हुए उसे गिरफ्तार कर अबोहर लाया गया।

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ज्ञात हो कि मृतका के पिता रामनरेश सिंह ने पुलिस को दिए अपने बयानों में बताया था कि 12 फरवरी 2013 को उन्होंने अपनी बेटी श्वेता सिंह का विवाह कानपुर में नियुक्त बिहार रेजीमेंट के कैप्टन संदीप तोमर के साथ किया था जिसमें उन्होंने लाखों रुपए खर्च किए थे। उन्होंने बताया कि विवाह के बाद से ही संदीप तोमर सहित श्वेता सिंह की सास व ससुर उसे दहेज में डस्टर कार तथा कानपुर शहर का एक प्लाट उनके नाम करवाने की मांग कर रहे थे और ऐसा न करने की सूरत में बेटी श्वेता सिंह से मारपीट भी की जाती थी। रामनरेश सिंह ने बताया कि बाद में संदीप सिंह का तबादला कानपुर से अबोहर हो गया और यहां भी उनकी बेटी को प्रताड़ित करने का सिलसिला जारी रहा।

उनके अनुसार 8 जुलाई को भी संदीप ने श्वेता सिंह से मारपीट की। जिसकी जानकारी श्वेता ने उन्हें फोन पर दी। उन्होंने कहा कि अपने पति संदीप सिंह सहित सास व ससुर की प्रताड़ना से दुखी होकर ही उनकी बेटी ने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया है। पुलिस ने रामनरेश सिंह के ब्यानों के आधार पर मृतका के पति संदीप तोमर पुत्र मंगल सिंह, ससुर मंगल सिंह पुत्र चेतू सिंह व सास पदमा तोमर पत्नी मंगल सिंह के खिलाफ मुकदमा नं. 126 में भादंस की धारा 304-बी व 34 के तहत मामला दर्ज किया था।

इसके बाद सरकारी अस्पताल के तत्कालीन एसएमओ डा. जगदीश टक्कर तथा डा. के.डी. वशिष्ट ने मृतका का पोस्टमार्टम कर उसके शव को उसके पैतृक गांव गाजीपुर के लिए रवाना किया था। जिक्रयोग्य है कि इस घटना के बाद अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान बड़ी संख्या में सैनिक वहां मौजूद थे जिन्होंने मामले की जानकारी लेते हुए पत्रकारों के साथ धक्कामुक्की भी की थी। यह सैनिक पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहे थे वहीं मृतका श्वेता सिंह के परिजनों को पत्रकारों से नहीं मिलने दिया जा रहा था।

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