एक बड़े चुनावी वादे को पूरा करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब सरकार ने बृहस्पतिवार को मोहाली में ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (एमएमएसवाई) की शुरुआत की। इस योजना के तहत पूरे पंजाब में हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का औपचारिक शुभारंभ आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किया। इस अवसर पर लाभार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड भी वितरित किए गए।एमएमएसवाई के लागू होने के साथ ही पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जहां मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मुफ्त शिक्षा, मुफ्त बिजली और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी व्यापक कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस योजना के तहत अब वे महंगे निजी अस्पताल भी गरीबों के लिए सुलभ होंगे, जो पहले केवल अमीरों की पहुंच में थे।इस दिन को “न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक” बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसा काम 1950 में ही हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों में सरकारें आती-जाती रहीं, बड़े वादे किए गए, लेकिन आम जनता की अनदेखी होती रही। केजरीवाल ने दावा किया कि आप सरकार के चार सालों का कार्यकाल इतिहास में “स्वर्ण अक्षरों में” लिखा जाएगा।चुनावी वादों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आप ने मुफ्त बिजली, मुफ्त शिक्षा और मुफ्त स्वास्थ्य की गारंटी दी थी, जिस पर लोगों को भरोसा नहीं हुआ। पिछली सरकारें खजाना खाली होने की बात करती थीं, लेकिन आप ने साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो तो सब संभव है।स्वास्थ्य सुधारों पर प्रकाश डालते हुए केजरीवाल ने बताया कि चार वर्षों में लगभग 1,000 मोहल्ला क्लीनिक खोले गए, जबकि पिछली सरकारों ने 75 वर्षों में केवल 400 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले थे। उन्होंने कहा कि 500 और क्लीनिक निर्माणाधीन हैं और जल्द ही गांवों में 2,500 ‘पिंड क्लीनिक’ शुरू किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में 1,100 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की गई है, आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं और मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गरीब किसानों और मजदूरों को अब इलाज के लिए जमीन या गहने बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि 10 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह योजना गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरित है और हर नागरिक के कल्याण के लिए है। उन्होंने बताया कि 65 लाख परिवारों, यानी करीब तीन करोड़ लोगों को स्वास्थ्य कार्ड दिए जाएंगे और पहली बार किसी योजना में आय की कोई सीमा नहीं रखी गई है। 850 सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं और 2,356 से अधिक उपचार पैकेज इसमें शामिल हैं। सरकार का दावा है कि अब कोई भी पंजाबी पैसे की कमी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहेगा।