Punjab News : नामधारी संप्रदाय की जीवनशैली सादगी और अनुशासन का प्रतीक : कटारिया
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने नामधारी संप्रदाय के प्रमुख सतगुरु उदय सिंह से की मुलाकात, कूका शहीदों के बलिदान को किया नमन
Punjab News : पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए सतगुरु राम सिंह के आदर्शों और सोच को गहराई से अपनाना होगा। यह बात पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने रविवार को समराला से 15 किलोमीटर दूर स्थित प्रमुख धार्मिक केंद्र श्री भैणी साहिब के दौरे के दौरान कही। पंजाब का राज्यपाल बनने के बाद यह उनकी पहली श्री भैणी साहिब यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने नामधारी संप्रदाय के विश्व प्रमुख सतगुरु उदय सिंह से मुलाकात की और एक विशाल गुरमति समागम को संबोधित किया। सतगुरु उदय सिंह ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए उन्हें नामधारी समुदाय की महान आध्यात्मिक परंपराओं और मानवीय मूल्यों से अवगत कराया।
स्वतंत्रता संग्राम और कूका आंदोलन
दौरे के दौरान राज्यपाल ने परिसर में स्थित ऐतिहासिक राम मंदिर के दर्शन किए। यह वही स्थान है जहां से 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ ऐतिहासिक कूका आंदोलन की शुरुआत हुई थी। उन्होंने मंदिर में लगी फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और नामधारी गौशाला में गायों को गुड़ खिलाकर पशु कल्याण के प्रयासों की सराहना की। गुरमति समागम में कीर्तन श्रवण करने के बाद कटारिया ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की वास्तविक नींव सतगुरु राम सिंह ने ही अंग्रेजी शासन के खिलाफ असहयोग और पूर्ण बहिष्कार आंदोलन चलाकर रखी थी।
सादगी और अनुशासन की मिसाल
राज्यपाल ने कूका शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए याद दिलाया कि मलेरकोटला में 66 नामधारी सिखों को अंग्रेजों ने तोपों से उड़ा दिया था, जबकि लुधियाना, रायकोट और अमृतसर में अनेक को फांसी दी गई थी। उन्होंने नामधारी संप्रदाय को सादगी, सत्यनिष्ठा और विनम्रता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई समाज आज पूर्ण रूप से नशामुक्त है, तो वह नामधारी संप्रदाय है। इस समुदाय ने चाय तक का त्याग किया हुआ है। ऐसी अनुशासित जीवनशैली ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण कर सकती है। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, कृषि और खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी संप्रदाय की सराहना की।
स्वर्ण मंदिर का चित्र किया भेंट
इस अवसर पर सतगुरु उदय सिंह ने राज्यपाल को राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू द्वारा तैयार सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब का एक विशेष चित्र स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किया। समागम में मुख्य सूचना आयुक्त इंदरपाल सिंह धन्ना भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंत में राज्यपाल ने सतगुरु उदय सिंह का उनके आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया।
