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मांगों को लेकर डीसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन

  आज संयुक्त मजदूर मोर्चे के आह्वान पर मजदूर संगठनों ने डिप्टी कमिश्नर बठिंडा कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार को मजदूर विरोधी बताते हुए सभी मजदूर...

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आज संयुक्त मजदूर मोर्चे के आह्वान पर मजदूर संगठनों ने डिप्टी कमिश्नर बठिंडा कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार को मजदूर विरोधी बताते हुए सभी मजदूर विरोधी कानून रद्द करने और मजदूरों की जायज मांगें स्वीकार करने की मांग की गई। इस दौरान मजदूर संगठनों ने मनरेगा एक्ट को बहाल कर पूरे वर्ष रोजगार की गारंटी देना और लेबर कानून बहाल करने, बिजली संशोधन बिल रद्द करने, महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति माह देना और पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग उठाई गई। जमीन सुधार कानून लागू करने की भी मांग उठाई गई।

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इस मौके पर मजदूर नेता जोरा सिंह नसराली, मनदीप सिंह सिबियान, प्रकाश सिंह नंदगढ़, महिपाल, मिठू सिंह घुड़ा, मक्खन सिंह गुरुसर, अमी लाल, मेजर सिंह पूहला, कुलवंत सिंह सेलवारा, मलकीत सिंह सेलवारा, नछत्तर सिंह रामनगर, हरिंदर कौर बिंदू आदि ने जिला स्तरीय नेताओं को संबोधित किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा को समाप्त करके 'जी राम जी' के माध्यम से मजदूरों के रोजगार को भी खत्म करने का रास्ता अपनाया है और चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों पर और बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बिजली क्षेत्र का पूर्ण निजीकरण करने जा रही है और श्रमिकों, किसानों और गरीब लोगों के घरों में अंधेरा लाने वाली है।

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नेताओं ने मान सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने चुनाव वादों के तहत महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह देने और पेंशन की राशि बढ़ाने के अलावा, लाल रेखा के अंदर स्थित घरों का मालिकाना हक देने, पंचायत भूमि का एक तिहाई हिस्सा अनुसूचित जाति के परिवारों को सस्ते दामों पर पट्टे पर देने और बाढ़ के कारण मजदूरों और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने से पल्ला झाड़ लिया है। इस मौके पर संगठनों ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा और राष्ट्रपति को भी एक ज्ञापन सौंपकर मनरेगा को खत्म करने के बाद लाए गए ‘जी राम जी’ एक्ट को वापस लेने और रोज़गार की गारंटी देने की मांग की। मजदूर नेता जोरा सिंह नसराली ने बताया कि बठिंडा के अलावा मोगा, फरीदकोट, बरनाला में भी डीसी दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया है। संयुक्त मजदूर मोर्चे ने कहा कि 16 जनवरी को पंजाब के डीसी कार्यालयों के सामने धरने दिए जाएंगे ।

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