पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण जनहितैषी योजना 'मेरा घर मेरे नाम' के तहत बृहस्पतिवार को हलका घनौर के गांव घड़ामां कलां में 408 परिवारों को मालिकाना हक से संबंधित कागजात सौंपे गए। पंजाब कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष और विधायक गुरलाल घनौर ने इन परिवारों को रजिस्ट्रियां सौंपकर मालिकाना हक प्रदान किए। घनौर ने कहा कि 'मेरा घर मेरे नाम' योजना पंजाब सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे लाल डोरा (आबादी देह) के क्षेत्र में रह रहे परिवारों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से उन लोगों को पक्की मालकियत के हक मिल रहे हैं, जो सालों से अपने घरों में रह रहे थे लेकिन कानूनी तौर पर मालिक नहीं माने जाते थे। विधायक ने कहा कि पिछली सरकारों ने केवल वादे किए, लेकिन लाल लकीर में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके विपरीत, वर्तमान मान सरकार ने जमीनी हकीकत को समझते हुए लोगों को हक देने के लिए प्रतिबद्धता से काम किया है।यह योजना न केवल कानूनी सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी। अब ये परिवार अपनी संपत्ति का उपयोग बैंक लोन या अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार का मूल उद्देश्य राज्य के हर वर्ग का जीवन स्तर ऊंचा उठाना और बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है। रजिस्ट्रियां प्राप्त करने वाले परिवारों में भारी उत्साह देखा गया। लाभार्थियों ने कहा कि वे सालों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे और आज उनका सपना साकार हुआ है।समारोह में चेयरमैन सहजपाल सिंह देओल लाडा ननहेड़ा, सरपंच जोधवीर सिंह वड़ैच, गुरताज सिंह संधू, गुरप्रीत सिंह ढिल्लों थूहा, निशान सिंह संधू सहित संबंधित अधिकारी और पंच-सरपंच व पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।