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आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय एथनो-फार्माकोलॉजिस्ट पुरस्कार

मोहाली में किया गया सम्मानित

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आचार्य बालकृष्ण पुरस्कार हासिल करते हुए।
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आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान क्षेत्र के में अग्रणी कार्य करने वाले आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण को 'इंटेग्रेटिंग ट्रेडिशनल मेडिसिन इन मॉडर्न हेल्थकेयर में एसएफई उत्कृष्ट राष्ट्रीय एथनो-फार्माकोलॉजिस्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान मोहाली में आयोजित सोसायटी फॉर एथनोफार्माकोलॉजी की 13वीं अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस में प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ट्रांसलेशनल रिसर्च इन एथनोफार्माकोलॉजी के तहत था। संबंधित संस्थान द्वारा यह सम्मान एथनोफार्माकोलॉजी एवं पारंपरिक औषधियों के शोध तथा विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शोधकर्ताओं को प्रदान किया जाता है।

इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह व्यक्तिगत नहीं, आयुर्वेद की उपलब्धि है। संपूर्ण भारत की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि पतंजलि हमेशा ही आयुर्वेद के उत्थान और जनमानस को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पतंजलि के वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे शोधकार्य प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो रहे हैं जो आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों तथा पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों पर वैज्ञानिक ध्यान केंद्रित करते हैं। इस अवसर पर पतंजलि के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण की यह उपलब्धि हमारी प्राचीन चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण और साक्ष्य-आधारित शोधों की दिशा में पतंजलि की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का मजबूत प्रमाण है।

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