Lucky Oberoi Murder Case : 'आप' नेता की हत्या मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार, पिस्तौल जब्त
पुलिस की टीम ने एक दोपहिया वाहन से जा रहे शमिंदर को पकड़ लिया
Lucky Oberoi Murder Case : पंजाब के जालंधर में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता लक्की ओबेरॉय की हत्या के सिलसिले में शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान जालंधर के मीठापुर निवासी शमिंदर सिंह के रूप में हुई है, जिसे अमृतसर के खासा इलाके में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
पुलिस उप महानिरीक्षक (सीमा क्षेत्र) संदीप गोयल ने बताया कि उसके पास से '.30 बोर' की पिस्तौल जब्त की गई है। पुलिस की टीम ने एक दोपहिया वाहन से जा रहे शमिंदर को पकड़ लिया, जिसका आपराधिक इतिहास है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार तड़के जालंधर के मॉडल टाउन में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों ने ओबेरॉय को गोली मार दी थी।
गुरुद्वारे में मत्था टेककर बाहर निकलने के बाद उन पर यह हमला हुआ था। सूत्रों के अनुसार, मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है तथा पुलिस को ओबेरॉय के लापता नौकर की संलिप्तता का भी संदेह है। सूत्रों ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल किया गया एक दोपहिया वाहन और सीसीटीवी फुटेज में दिखी एक कार पुलिस की जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस हत्याकांड में विदेश में रहने वाले एक गैंगस्टर समेत दो लोगों के विरूद्ध नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस को संदेह है कि हत्या के पीछे निजी दुश्मनी वजह हो सकती है। पीड़ित परिवार की एक शिकायत के आधार पर गैंगस्टर जोगराज सिंह उर्फ जोगा फोलरीवाल, दलबीरा और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत जालंधर कमिश्नरेट के डिवीजन छह थाने में मामला दर्ज किया गया है। फोलरीवाल ने एक असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट में इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। पुलिस ने बताया कि हालांकि, सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में नजर आ रहे हमलावर और उसके साथी की अब तक पहचान नहीं हो पाई है एवं उन्हें ढूंढने के लिए पुलिस की कई टीम तैनात की गई हैं।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरिंदर सिंह गिल ने जालंधर में पत्रकारों से कहा कि 9-मिमी पिस्तौल से चलाई गई आठ गोलियों में से पांच ओबेरॉय को लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी की गई। नौकर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि जैसे ही ओबेरॉय (43) गुरुद्वारे से बाहर आए और अपनी कार में बैठे, काले रंग की हुडी पहने हमलावर पैदल ही उनके पास आया, गोली चलाई और थोड़ी दूरी पर दोपहिया वाहन पर इंतजार कर रहे अपने एक साथी के साथ फरार हो गया। पेशे से 'फाइनेंसर' सतविंदरपाल सिंह उर्फ लक्की ओबेरॉय, जालंधर छावनी क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के वार्ड प्रभारी थे।
फोलरीवाल के पोस्ट में ओबेरॉय पर कई आरोप लगाए गए हैं। उसमें कहा गया है कि यह घटना व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हुई। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि यह घटना एक कॉलेज के अध्यक्ष पद को लेकर हुए विवाद से जुड़ी है। जोगा फोलरीवाल और दलबीरा के खिलाफ ओबेरॉय की हत्या का मामला दर्ज किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि जालंधर जिले के फोलरीवाल निवासी जोगा विदेश में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ओबेरॉय और जोगा पहले दोस्त थे और फेसबुक पर एक पोस्ट में उन्हें केक साझा करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, खालसा कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष के चुनाव को लेकर उनके रिश्ते खराब हो गए।

