Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

गुमटाला ग्रेनेड हमला: फरार आरोपियों पर जांच के लिए एनआईए को 90 दिन की और मोहलत

-अदालत में एनआईए का दावा- विदेश में बैठे आरोपी के निर्देश पर बग्गा और मनदीप ने किया था हमला -हैप्पी पासिया ने सोशल मीडिया पर ली थी जिम्मेदारी

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
सांकेतिक फोटो
Advertisement

अमृतसर की पुलिस चौकी गुमटाला पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने फरार आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को 90 दिन की और मोहलत दी है। अदालत ने एनआईए की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद यह अनुमति दी। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले में अभी मौखिक, तकनीकी, डिजिटल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जाने बाकी हैं।

यह मामला 9 जनवरी 2025 की रात गुमटाला पुलिस चौकी में हुए ग्रेनेड हमले से जुड़ा है। पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद एनआईए ने 1 अप्रैल 2025 को मामले में अपनी एफआईआर दर्ज की थी। आरोपियों के खिलाफ एक्सप्लोसिव सबस्टेंस एक्ट की धारा 3, 4 और 5 और यूएपीए की धाराओं 13, 16, 18 और 20 के तहत कार्रवाई की गई है।

Advertisement

एक आरोपी के खिलाफ चार्जशीट, तीन फरार

Advertisement

एनआईए ने 13 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किए गए बग्गा सिंह उर्फ रिंकू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। वहीं मनदीप सिंह उर्फ मक्का, सरवण सिंह उर्फ भोला, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।

एनआईए ने अदालत में दावा किया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि बग्गा और मनदीप ने विदेश में बैठे सरवण सिंह उर्फ भोला के निर्देश पर ग्रेनेड हमला किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, हमले की जिम्मेदारी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया ने सोशल मीडिया पर ली थी। एजेंसी ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हैप्पी पासिया के प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संपर्क होने का भी दावा किया।

नोटिस के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुए आरोपी

एनआईए के मुताबिक, जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों से हमले से पहले, हमले के दौरान और उसके बाद आरोपियों के बीच हुई बातचीत तथा उनकी आवाजाही की पुष्टि हुई है। मनदीप सिंह और सरवण सिंह को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन दोनों जांच में शामिल नहीं हुए। अदालत ने दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे और 27 नवंबर 2025 को उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इसी आदेश के तहत हैप्पी पासिया के खिलाफ भी गैर-जमानती वारंट जारी हुए थे, लेकिन उसके भारतीय पते पर कई प्रयासों के बावजूद वारंट की तामील नहीं हो सकी।

डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए जांच जारी

एनआईए ने अदालत को बताया कि फरार आरोपियों के खिलाफ आगे की जांच में कई अहम साक्ष्य सामने आने की संभावना है। एजेंसी को आरोपियों की गतिविधियों, आपसी संपर्क और हमले की पूरी साजिश से जुड़े और साक्ष्य जुटाने हैं। अदालत ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एनआईए की अर्जी स्वीकार कर ली और मनदीप सिंह उर्फ मक्का, सरवण सिंह उर्फ भोला, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया तथा अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ 90 दिन की अतिरिक्त अवधि तक जांच जारी रखने की अनुमति दे दी।

Advertisement
×