पंजाब के ‘दूषित’ पानी के मुद्दे पर किसान यूनियनें संघर्ष की राह पर
पंजाब की किसान यूनियनों ने एक बार फिर पानी के मुद्दे को लेकर संघर्ष का रास्ता अपनाने का संकल्प लिया है। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि यह मुद्दा संयुक्त किसान मोर्चा के...
पंजाब की किसान यूनियनों ने एक बार फिर पानी के मुद्दे को लेकर संघर्ष का रास्ता अपनाने का संकल्प लिया है। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि यह मुद्दा संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ उठाया गया, जिन्होंने अपनी सहमति जताई है।
उन्होंने कहा कि पंजाब का पानी बहुत अधिक दूषित हो चुका है, जो कैंसर जैसी घातक बीमारियों को आमंत्रण दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि नेताओं की लापरवाही के कारण वह दिन दूर नहीं जब पंजाब के हर घर में कैंसर जैसी बीमारी होगी। उन्होंने कहा कि जमीन के नीचे पानी का स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जो किसान वर्ग के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। राजनीतिक दलों के नेता इस बारे में पूरी तरह बेखबर हैं।
हाल ही में पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब विरोधी कोई भी फैसला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी में भारी धातुएं, यूरेनियम, लेड आदि मिल चुके हैं, जिससे पानी पीने योग्य नहीं रहा और बड़े स्तर पर कैंसर फैल रहा है। यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में पंजाब के हर घर में कैंसर और काला पीलिया जैसी बीमारियां आम हो जाएंगी।
इसी दौरान आज यहां बीकेयू (राजेवाल) के राज्य उपाध्यक्ष सुखविंदर सिंह भट्टियां की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि संगठन संघर्ष शुरू करने से पहले 6 फरवरी को श्री दरबार साहिब, अमृतसर में आंदोलन की सफलता के लिए अरदास करेगा।

