पंजाब राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने मंगलवार को कहा कि किसी भी प्रकार के पीड़ितों के मानवाधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए मानवाधिकार आयोग के दरवाजे हर समय खुले हैं। पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी राजपुरा में ह्यूमन राइट्स वॉच संस्था पंजाब के सूबा प्रधान अमरिंदर सिंह पुरी की अगुवाई में राजपुरा यूनिट द्वारा आयोजित मानवाधिकार जागरूकता और लोगों की शिकायतों के निवारण संबंधी जन-समेलन में बोल रहे थे। इस अवसर पर यूनिट के प्रधान हरप्रीत सिंह चोजी और वरिष्ठ उप प्रधान शिव कुमार भूरा ने शंटी का स्वागत किया।आयोग सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने एडीसी शहरी विकास डॉ. इस्मत विजे सिंह, एसडीएम नमन मार्कन, एसपी स्वरनजीत कौर, डीएसपी राजपुरा मनजीत सिंह, थाना सदर प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, बिजली विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मानवाधिकारों के मद्देनजर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मानवाधिकार स्थिति को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मांगे। उन्होंने प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए निर्देश भी जारी किए। एडीसी डॉ. इस्मत विजे सिंह और एसपी स्वरनजीत कौर ने आश्वासन दिया कि आयोग के निर्देशों की पूरी तरह पालना की जाएगी।इस अवसर पर सदस्य के सचिव बलदेव सिंह, संस्था के सूबा सचिव गुरमीत सिंह बेदी, चरणजीत सिंह बेदी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि मानवाधिकार आयोग राज्य में मानवाधिकारों की रक्षा और किसी भी तरह के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है।उन्होंने लोगों को अपने मानवाधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी जनता के दिए टैक्स से वेतन प्राप्त करते हैं, इसलिए यदि वे लोगों का काम नहीं करते तो लोग निराश न हों बल्कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। जतिंदर सिंह शंटी ने इस जन-समेलन का आयोजन करने के लिए ह्यूमन राइट्स वॉच संस्था (रजि.) पंजाब की सराहना करते हुए कहा कि मानवता की भलाई के लिए ऐसे कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।