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Doctor Remarks Controversy: लिव-इन और अनचाहे गर्भ के आ रहे केस…’ जालंधर में छात्रों पर महिला डॉक्टर के बयान से इंटरनेट पर सनसनी

Doctor Remarks Controversy: जालंधर की एक जानी-मानी महिला डॉक्टर द्वारा फगवाड़ा स्थित एक यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों के बाद शैक्षणिक गलियारों में हलचल मच गई है। डॉक्टर मनदीप कौर ने अपने आधिकारिक सोशल...

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Doctor Remarks Controversy: जालंधर की एक जानी-मानी महिला डॉक्टर द्वारा फगवाड़ा स्थित एक यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावों के बाद शैक्षणिक गलियारों में हलचल मच गई है। डॉक्टर मनदीप कौर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो जारी कर दावा किया कि उनके फर्टिलिटी सेंटर में यूनिवर्सिटी के कई युवा विद्यार्थी अनचाहे गर्भ और चिकित्सीय सलाह के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स के साथ-साथ विदेशी छात्र भी शामिल हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद पूरे पंजाब में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

विदेशी छात्रा की भावुक चिट्ठी और बिना सलाह दवाइयों का खतरा

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डॉ. मनदीप कौर ने अपने पहले वीडियो में एक विदेशी छात्रा का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि वह छात्रा अनचाही प्रेग्नेंसी के समाधान के लिए उनके पास पहुंची थी और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी से जुड़ी दवाइयां लेने के बाद दोबारा फॉलोअप चेकअप के लिए आई थी। डॉक्टर के अनुसार, उस युवती ने गर्भपात के दौरान अपने अजन्मे बच्चे के नाम एक बेहद भावुक पत्र लिखा था, जिसमें अपनी कठिन परिस्थितियों का हवाला देते हुए बच्चे को जन्म न दे पाने का दर्द बयां किया गया था। डॉक्टर ने इस घटना के जरिए युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि बिना डॉक्टरी देखरेख और सलाह के गर्भपात की दवाओं का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है।

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24 हफ़्तों की प्रेग्नेंसी का जटिल मामला

चिकित्सक ने एक अन्य मामले की चर्चा करते हुए बताया कि एक विदेशी महिला को लंबे समय तक माहवारी न आने के बावजूद गर्भावस्था का अहसास नहीं हुआ। जब तक उसे सच्चाई का पता चला, तब तक गर्भ करीब 24 सप्ताह का हो चुका था। इसके बाद वह महिला कई निजी व सरकारी अस्पतालों में मेडिकल मदद के लिए भटकी, लेकिन गर्भ की समय सीमा कानूनी और मेडिकल दृष्टि से अधिक हो जाने के कारण डॉक्टरों ने किसी भी तरह की प्रक्रिया करने से साफ मना कर दिया। डॉक्टर ने जोर देकर कहा कि युवाओं में सुरक्षित यौन आचरण और स्वास्थ्य जागरूकता की सख्त जरूरत है।

एलपीयू का नाम लेने पर दी सफाई, कहा- ‘बदनाम करना मकसद नहीं’

यूनिवर्सिटी का सीधा नाम लिए जाने के बाद जब सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं, तो डॉ. मनदीप कौर ने एक और वीडियो साझा कर अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि उनका मकसद संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाना बिल्कुल नहीं था, बल्कि युवाओं में जागरूकता फैलाना था। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि एलपीयू में देश और दुनिया भर से हजारों युवा पढ़ते हैं, इसलिए शहर के कई गायनेकोलॉजिस्ट्स और उनके सेंटर पर इस तरह के मामले स्वाभाविक तौर पर सामने आते हैं।

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