घनी धुंध ने रोकी रफ्तार, रेल और सड़क यातायात प्रभावित
हरिद्वार इंटरसिटी 7 घंटे लेट, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी
पिछले चार दिनों से मौसम के साफ रहने के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ली और घनी धुंध ने जीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। रविवार देर रात से लेकर सोमवार अल सुबह तक छाई घनी धुंध ने रेल व सड़क यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। ट्रेन सेवाएं घंटों देरी से चलने के कारण यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। जानकारी के अनुसार रविवार सायं से शुरू हुई घनी धुंध रात होते-होते और भी गहरा गयी। दृश्यता बेहद कम हो जाने के कारण रेल प्रशासन को ट्रेनों की गति धीमी करनी पड़ी, जिसका सीधा असर उनके निर्धारित समय पर पड़ा। हरिद्वार से श्रीगंगानगर जाने वाली दैनिक इंटरसिटी एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित रही। यह ट्रेन रविवार रात करीब 11 बजे अबोहर पहुंचने वाली थी, लेकिन घनी धुंध के कारण यह ट्रेन पूरे 7 घंटे 30 मिनट की देरी से चलकर सोमवार सुबह 6 बजकर 32 मिनट पर अबोहर स्टेशन पहुंच सकी। वहीं श्रीगंगानगर से हरिद्वार के लिए रवाना होने वाली यही इंटरसिटी एक्सप्रेस भी अपने तय समय सुबह 5 बजे के बजाय करीब 5 घंटे की देरी से 10 बजकर 3 मिनट पर अबोहर पहुंची। इस दौरान यात्रियों को कड़ाके की ठंड और खुले प्लेटफार्म पर लंबे इंतजार की मार झेलनी पड़ी। कई यात्रियों ने असुविधाओं को लेकर नाराजगी भी जताई। इसके अलावा दिल्ली से श्रीगंगानगर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा देरी से अबोहर पहुंची, जबकि यह ट्रेन सुबह लगभग 20 मिनट लेट रवाना हुई। वापसी में दिल्ली से श्रीगंगानगर जाने वाली यह इंटरसिटी अपने तय समय 1:15 बजे के बजाय 2:31 बजे रवाना हुई और अबोहर करीब 9:15 बजे पहुंची। श्रीगंगानगर से चलकर रात्रि पौने 3 बजे अबोहर पहुंचने वाली रेवाड़ी पैसेंजर ट्रेन भी करीब 1 घंटा 30 मिनट की देरी से स्टेशन पर पहुंची। इधर रेल यातायात के साथ-साथ सड़क यातायात भी घनी धुंध की चपेट में रहा। सोमवार सुबह करीब 9 बजे तक दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़कों पर वाहन कछुआ गति से चलते नजर आए।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी धुंध बने रहने की संभावना जताई है, जिससे यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इधर किसानों के अनुसार गेहूं की फसल के लिए यह धुंध बेहद ही फायदेमंद बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि ऐसे मौसम में गेहूं की बम्पर पैदावार होने की संभावना है।

