मुख्यमंत्री सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार से हिमाचल विकास और सेब किसानों के हितों पर चर्चा की
सुप्रीम हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और आयुष्मान भारत योजना पर चर्चा
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश से जुड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं और आयुष्मान भारत योजना में केंद्र सहयोग की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
स्वास्थ्य परियोजनाओं और आयुष्मान भारत योजना में सहयोग की मांग
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और बेहतर सेवाओं की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा करते हुए नड्डा से हर संभव सहायता का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।
सेब उत्पादकों के हितों की वकालत
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से हिमाचल के सेब उत्पादकों के हितों पर जोरदार चर्चा की। उन्होंने विदेशी सेबों के बढ़ते आयात से प्रदेश के 2.5 लाख बागवानों को हो रहे नुकसान और सेब की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव के बारे में अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सेब को ‘विशेष श्रेणी’ में शामिल करने, जुलाई से नवंबर तक आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, ऑफ-सीजन आयात पर शत प्रतिशत शुल्क लगाने और मात्रात्मक प्रतिबंध लागू करने की मांग की।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से बचाव के लिए केंद्र से हस्तक्षेप की अपील की
उन्होंने न्यूजीलैंड के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते के प्रभाव का हवाला देते हुए बताया कि पिछले एक दशक में आयात अढ़ाई गुना बढ़ गया है और अप्रैल-अगस्त में आयात शुल्क छूट के कारण हिमाचल के कोल्ड स्टोरेज से सेब की कीमतें गिर रही हैं, जिससे ऑफ-सीजन व्यापार प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब उत्पादन से 2.5 लाख परिवारों की आजीविका जुड़ी है और प्रदेश को सालाना लगभग 4,500 करोड़ रुपये की आय होती है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और केंद्रीय नेतृत्व से हिमाचल और सेब किसानों के हितों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

