पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी सहित राज्य-स्वामित्व वाली बस सेवाओं के अनुबंधित कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शुक्रवार को पंजाब के कई क्षेत्रों में बस सेवाएं बाधित रहीं, जिससे यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने पुलिस पर बृहस्पतिवार देर रात और शुक्रवार सुबह उनके कई नेताओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए हड़ताल शुरू की। राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध कर रहे कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
संविदा कर्मचारियों ने राज्य सरकार पर उनकी लंबित मांगों की अनदेखी करने और परिवहन क्षेत्र को सुनियोजित निजीकरण की ओर धकेलने का आरोप लगाया। इससे पहले कर्मचारी संघ ने विवादास्पद किलोमीटर-आधारित बस योजना से संबंधित निविदाएं खोले जाने के विरोध में प्रदर्शन की घोषणा की थी और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की थी। ये निविदाएं शुक्रवार को खोली जानी थीं। हड़ताल के परिणामस्वरूप, पंजाब के कई हिस्सों में यात्री फंसे रहे। प्रदर्शनकारी मजदूरों और यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई यूनियन नेताओं को इसलिए उठा लिया, क्योंकि वे सरकार की ‘किलोमीटर योजना’ का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
बठिंडा में 54 को हिरासत में लिया
बठिंडा में पीआरटीसी और पनबस ठेका कर्मियों ने शुक्रवार सुबह किलोमीटर स्कीम का विरोध करते हुए बसों का चक्का जाम कर दिया। बस अड्डे पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व डिपो अध्यक्ष हरतार शर्मा, चेयरमैन रविंदर सिंह, कालूवंत सिंह मणेस और अन्य नेताओं ने किया। कालूवंत सिंह ने बताया कि सदर थाना बठिंडा में 54 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। वही, बुढलाडा में विरोध के दौरान करीब 2 दर्जन प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
संगरूर में आत्मदाह की कोशिश
संगरूर में एक कर्मचारी ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की। उसे बचाने की कोशिश में एक पुलिसवाला झुलसा गया। जब पेट्रोल की बोतलें लेकर बस में चढ़े पीआरटीसी कर्मचारियों को उतारा जा रहा था, तो बोतलों में पेट्रोल को आग लग गई। धूरी थाना प्रभारी जसबीर सिंह के कपड़ों को आग लग गई, जिसे पुलिस कर्मियों ने बुझा दिया। उसे अस्पताल भेज दिया गया।

