वीजा धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता, ब्रिटिश उच्चायोग और हंसराज महिला महाविद्यालय ने फोटो प्रदर्शनी की आयोजित
छात्रों को अवैध प्रवासन के जोखिमों और यूनाइटेड किंगडम जाने के सुरक्षित वैध तरीकों के बारे में किया जागरूक
ब्रिटिश उच्चायोग ने हंसराज महिला महाविद्यालय के सहयोग से ‘वीजा फ्रॉड तों बचो' जागरूकता अभियान के तहत परिसर में फोटो प्रदर्शनी आयोजित की। इसका उद्देश्य छात्रों-युवा यात्रियों को वीजा धोखाधड़ी और अवैध प्रवासन से जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूक करना था। प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन अमनदीप ग्रेवाल, उप प्रमुख, ब्रिटिश उप उच्चायोग, चंडीगढ़ द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के मामलों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें धोखेबाजों द्वारा अपनाए जाने वाले सामान्य तरीकों और ऐसे जाल में फंसने के गंभीर परिणामों को उजागर किया गया। छात्रों को अवैध प्रवासन के जोखिमों, जैसे आर्थिक नुकसान, शोषण और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा पर संभावित 10 वर्ष के प्रतिबंध के बारे में जानकारी दी गई। रजिंदर एस नगरकोटी, वरिष्ठ सलाहकार, राजनीतिक, मीडिया एवं प्रवासन, ब्रिटिश उच्चायोग ने भी छात्रों को संबोधित किया। वीजा फ्रॉड तों बचो अभियान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, साथ ही उन्हें सतर्क और जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान, ब्रिटिश उच्चायोग के अधिकारियों ने एक समर्पित व्हाट्सऐप संवाद सेवा (+91 70652 51380) के बारे में जानकारी दी, जो अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में यूनाइटेड किंगडम की यात्रा से संबंधित प्रमाणित मार्गदर्शन प्रदान करती है। इस पहल की सराहना करते हुए डॉ. एकता खोसला ने कहा कि जागरूकता ही युवाओं को वीजा धोखाधड़ी से बचाने का सबसे सशक्त माध्यम है। इस प्रकार की पहल छात्रों को अपने भविष्य के बारे में सूचित, जिम्मेदार और सुरक्षित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाती है।
यह पहल भारत-यूनाइटेड किंगडम गतिशीलता और प्रवासन साझेदारी समझौते के अनुरूप है, जो अवैध प्रवासन को रोकने और सुरक्षित आवागमन को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक समन्वयन डॉ. रमा शर्मा द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. रमनिता सैनी शारदा, समन्वयक, वैश्विक संपर्क का सहयोग रहा। सांस्कृतिक प्रस्तुति के तहत संगीत गायन विभाग के छात्रों ने “लोक गुलदस्ता” प्रस्तुत किया, जबकि संगीत वाद्य विभाग के छात्रों ने डॉ. प्रेम सागर और डॉ. गुंजन के मार्गदर्शन में लोक वाद्यवृंद प्रस्तुत किया। यह प्रदर्शनी अत्यंत जानकारीपूर्ण और प्रभावशाली रही, जिसने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के संबंध में सुरक्षित और सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान किया।

