Bharat Vibhushan Award : अमृतसर की नन्हीं शिवकन को मिला 'भारत विभूषण' सम्मान
विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने पंजाब विधानसभा में किया पुरस्कृत, पंजाबी नृत्य का बताया 'नन्हा सितारा'
Bharat Vibhushan Award : हाथों की लयबद्ध हरकतें, बालों में लहराती रंगीन परांदी और जीवंत पंजाबी पहनावा—यह पहचान है सात साल की शिवकन कौर की, जिसने इतनी छोटी उम्र में अपनी कला के दम पर दुनिया भर में नाम कमा लिया है। अमृतसर की रहने वाली इस नन्हीं नृत्य प्रतिभा को हाल ही में पंजाब विधानसभा में आयोजित एक विशेष गरिमामय समारोह के दौरान 'भारत विभूषण' पुरस्कार से नवाजा गया। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने उन्हें यह सम्मान प्रदान करते हुए 'लिटिल स्टार ऑफ पंजाबी ट्रेडिशनल डांस' की उपाधि दी।
संस्कृति को मिल रहा नया मुकाम
शिवकन कौर को यह सम्मान उनकी कला के प्रति अटूट समर्पण, पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन और पंजाबी संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए दिया गया है। सम्मान समारोह के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि शिवकन नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा हैं। उन्होंने नन्हीं कलाकार का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे इसी तरह पंजाब के पारंपरिक लोक नृत्य को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की कोशिशें जारी रखें।
सोशल मीडिया पर 'काली एक्टिवा' से मिली पहचान
अमृतसर के इन्विक्टस इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा शिवकन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंस्टाग्राम पर उनके 2,91,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनका एक डांस वीडियो 'काली एक्टिवा' गाने पर इतना वायरल हुआ कि इसे 30 लाख (तीन मिलियन) से ज्यादा बार देखा गया। इसी लोकप्रियता ने उन्हें रातों-रात इंटरनेट स्टार बना दिया। इससे पहले जुलाई 2025 में भी उन्हें उत्तर भारत के सबसे बड़े क्रिएटर समिट (CLS 2025) में बेस्ट जूनियर कंटेंट क्रिएटर का अवार्ड मिल चुका है।
दिग्गज कलाकारों ने भी सराहा
शिवकन की प्रतिभा को केवल प्रशंसकों ने ही नहीं, बल्कि संगीत जगत के दिग्गजों ने भी सराहा है। उन्हें जजी बी और कुलविंदर बिल्ला जैसे नामी पंजाबी गायकों के साथ मंच साझा करने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जसपिंदर नरूला और मनमोहन वारिस जैसे स्थापित कलाकारों ने भी उनकी कला की प्रशंसा की है।
पढ़ाई और शौक का बेहतरीन तालमेल
शिवकन के पिता डॉ. गुरप्रीत सिंह और माता डॉ. हरपुनीत कौर अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हैं। उनके पिता का कहना है कि शिवकन एक जन्मजात कलाकार है। हालांकि उसने कई पुरस्कार जीते हैं, लेकिन उसके लिए पुरस्कार कभी लक्ष्य नहीं रहे, बल्कि नृत्य उसकी स्वाभाविक खुशी का जरिया है। स्कूल से लौटने के बाद शिवकन के लिए नृत्य करना दिन का सबसे पसंदीदा हिस्सा होता है। वह न केवल नृत्य कर रही हैं, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का काम भी बखूबी कर रही हैं।

