Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

X AI video Case : पीएम मोदी और EC के AI फेक वीडियो पर एक्शन, केरल पुलिस ने एक्स पर दर्ज किया केस

प्रधानमंत्री, निर्वाचन आयोग के खिलाफ एआई वीडियो को लेकर 'एक्स' के विरुद्ध मामला दर्ज

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

X AI video Case : केरल पुलिस की साइबर शाखा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' और उसके एक हैंडल के खिलाफ एआई निर्मित एक वीडियो प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। इस वीडियो में कथित तौर पर प्रधानमंत्री और निर्वाचन आयोग को ''भ्रामक एवं मानहानिकारक तरीके से'' चित्रित किया गया है। पुलिस ने एक बयान में कहा कि कथित मानहानिकारक सामग्री की जानकारी उन्हें भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) सहित आधिकारिक माध्यमों से मिली।

पुलिस ने कहा, ''जांच करने पर यह पाया गया कि यह सामग्री जनता को गुमराह कर सकती है, संवैधानिक निकायों की विश्वसनीयता कम कर सकती है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।'' पुलिस ने कहा कि बुधवार देर रात तिरुवनंतपुरम शहर के साइबर अपराध थाने में मामला दर्ज किया गया तथा दोषी का पता लगाने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

Advertisement

इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 336 (जालसाजी), 353 (सार्वजनिक अशांति को बढ़ावा देने वाले बयान), 3(5) (साझा इरादा) और 174 (चुनाव में अनुचित प्रभाव या किसी अन्य के रूप में खुद को पेश करने के मामले में दंड) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी (पहचान की चोरी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Advertisement

प्राथमिकी के अनुसार, एक मिनट 17 सेकंड का वीडियो समाज में दंगे भड़काने के इरादे से सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट किया गया था और 'एक्स' ने सामग्री को हटाने के संबंध में अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद उसे प्रसारित होने दिया था। पुलिस ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मध्यस्थ मंच को आवश्यक कानूनी नोटिस जारी किए गए और गैरकानूनी सामग्री को शीघ्रता से हटाने का निर्देश दिया गया। आदर्श आचार संहिता और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार, केरल पुलिस की साइबर ऑपरेशन शाखा ने वीडियो के आगे प्रसार को रोकने के लिए तत्काल उपाय शुरू किए।

पुलिस ने कहा, ''आम जनता को उचित सावधानी बरतने और विशेष रूप से चुनाव अवधि के दौरान अपुष्ट या भ्रामक सामग्री बनाने, साझा करने या फैलाने से बचने की सलाह दी जाती है।'' पुलिस ने यह भी कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को बाधित करने या प्रभावित करने का प्रयास करने वाली किसी भी गतिविधि के खिलाफ त्वरित, कानूनी और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

Advertisement
×