Women Reservation Dispute : महिला आरक्षण पर PM मोदी का बड़ा संदेश, कहा- यह सिर्फ कानून नहीं, आकांक्षाओं की आवाज
महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधन देश भर की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब : मोदी
Women Reservation Dispute : : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीरवार को कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश भर की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। मोदी ने सभी सांसदों से इस महत्वपूर्ण संशोधन का समर्थन करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने अपनी वेबसाइट 'नरेन्द्र मोदी डॉट इन' पर प्रकाशित एक लेख में यह भी कहा कि यह पहल उस सिद्धांत की पुष्टि है जिसने लंबे समय से भारत के इस सभ्यतागत लोकाचार का मार्गदर्शन किया है कि समाज तभी प्रगति करता है जब महिलाएं प्रगति करती हैं। अब जरूरत है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले समय में राज्यों के विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के प्रावधानों के साथ कराए जाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश एक ऐतिहासिक अवसर की दहलीज पर खड़ा है और यह इसके लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने और समानता एवं समावेशन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करने का अवसर है। इन्हीं प्रेरणादायी अवसरों के बीच, 16 अप्रैल को संसद की ऐतिहासिक बैठक होगी तथा विशेष सत्र महिला आरक्षण को लागू करने से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और उसे पारित करने के लिए बुलाया गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं से उनके लेख को पढ़ने और अन्य को भी इसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। लोगों को राजनीतिक दलों को इस बात के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना चाहिए कि 16, 17 और 18 अप्रैल को जब संसद की बैठक होगी तो वे इसे पारित करें। इसे सिर्फ एक विधायी प्रक्रिया कहना इसके महत्व को कम करके आंकना होगा। यह भारतवर्ष की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
संसद के बजट सत्र की अवधि को बढ़ा दिया गया है और दोनों सदन का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है, जिसमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2029 के आम चुनाव से इसका कार्यान्वयन हो सके। इस विधेयक को आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है। इससे लोकसभा में सीट संख्या मौजूदा 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

