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Women Reservation Act : कांग्रेस ने की सरकार के तीनों विधेयक खारिज करने की मांग, जयराम रमेश बोले- नुकसानदेह हैं ये प्रस्ताव

विधेयकों का असली मकसद छल से भरा हुआ, इन्हें खारिज किया जाना चाहिए: कांग्रेस

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Women Reservation Act : कांग्रेस ने वीरवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों का असली उद्देश्य और विषय-वस्तु छल-कपट से भरी है और इनका प्रभाव बेहद व्यापक और नुकसानदेह है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इन्हें उनके वर्तमान स्वरूप में पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। सरकार 'संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026' को एक बड़े सुधार के रूप में ला रही है। इसके साथ ही सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए एक विधेयक तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 भी पेश करेगी।

इन तीनों विधेयकों को लोकसभा की आज की कार्यवाही में सूचीबद्ध किया गया है। रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, ''लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए जा रहे हैं। ऊपर से इन्हें महिला आरक्षण के रूप में प्रस्तुत और प्रचारित किया जा रहा है, लेकिन इनके मूल में परिसीमन का मुद्दा है।'' उन्होंने कहा कि परिसीमन के प्रस्तावों को लेकर देशभर से कई गंभीर चिंताएं सामने आई हैं जो उन अधिक जनसंख्या वाले राज्यों को लाभ पहुंचाती हैं, जहां फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मजबूत है।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दावा किया, ''इससे लोकसभा में कई राज्यों की लोकसभा सीट की संख्या के संदर्भ में सापेक्ष राजनीतिक शक्ति वास्तव में कम हो जाएगी। असम और जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से परिसीमन किया गया है, वह दिखाता है कि नरेन्द्र मोदी-अमित शाह की जोड़ी कितने खतरनाक तरीके से काम करती है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि इन विधेयकों का असली उद्देश्य और विषय-वस्तु छल-कपट से भरी है और इनका प्रभाव बेहद व्यापक और नुकसानदेह है।

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रमेश ने कहा कि इन्हें उनके वर्तमान स्वरूप में पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए। न्होंने कहा कि विपक्ष की मांग सरल है कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीट में से एक-तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं, साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाली महिलाओं के लिए भी आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। रमेश ने कहा, ''2023 में भी विपक्ष का यही रुख था और आज भी यही है। यही सत्ता में वास्तविक भागीदारी है, जो कहीं अधिक लोकतांत्रिक है और संवैधानिक मूल्यों एवं सिद्धांतों के अनुरूप है।''

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