सभी महिलाएं सुरक्षित, कानूनी गर्भपात की हकदार : सुप्रीम कोर्ट : The Dainik Tribune

सभी महिलाएं सुरक्षित, कानूनी गर्भपात की हकदार : सुप्रीम कोर्ट

सभी महिलाएं सुरक्षित, कानूनी गर्भपात की हकदार : सुप्रीम कोर्ट

प्रतीकात्मक फोटो

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (एजेंसी) सुप्रीम कोर्ट ने गर्भ का चिकित्सकीय समापन (एमटीपी) अधिनियम के तहत विवाहित या अविवाहित सभी महिलाओं को गर्भावस्था के 24 सप्ताह तक सुरक्षित व कानूनी रूप से गर्भपात कराने का बृहस्पतिवार को अधिकार दिया। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस एएस बोपन्ना की एक पीठ ने एमटीपी अधिनियम की व्याख्या पर फैसला सुनाते हुए कहा कि चाहे महिला विवाहित हो या अविवाहित, वह गर्भावस्था के 24 सप्ताह तक वह गर्भपात करा सकती हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि गर्भपात कानून के तहत विवाहित या अविवाहित महिला के बीच पक्षपात करना ‘प्राकृतिक नहीं है व संवैधानिक रूप से भी सही नहीं है' और यह उस रूढ़िवादी सोच को कायम रखता है कि केवल विवाहित महिलाएं ही यौन संबंध बनाती हैं। पीठ ने 23 अगस्त को एमटीपी अधिनियम के प्रावधानों की व्याख्या पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें विवाहित और अविवाहित महिलाओं के 24 सप्ताह की गर्भावस्था तक गर्भपात कराने को लेकर अलग-अलग प्रावधान हैं।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

ज़रूर पढ़ें

समझ-सहयोग से संभालें रिश्ते

समझ-सहयोग से संभालें रिश्ते

धुंधलाए अतीत की जीवंत झांकी

धुंधलाए अतीत की जीवंत झांकी

प्रेरक हों अनुशासन और पुरस्कार

प्रेरक हों अनुशासन और पुरस्कार

सर्दी में गरमा-गरम डिश का आनंद

सर्दी में गरमा-गरम डिश का आनंद

यूं छुपाए न छुपें जुर्म के निशां

यूं छुपाए न छुपें जुर्म के निशां

फुटबाल के खुमार में डूबा कतर

फुटबाल के खुमार में डूबा कतर

नक्काशीदार फर्नीचर से घर की रंगत

नक्काशीदार फर्नीचर से घर की रंगत

शहर

View All