Women Empowerment : ‘महिलाएं बदल रहीं हरियाणा की तस्वीर’, महिला पत्रकारों से बोले सीएम सैनी
बेटी बचाओ से ड्रोन दीदी तक गिनाईं उपलब्धियां, बोले- मीडिया की हर सूचना पर खुद लेता हूं संज्ञान
Women Empowerment : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में वुमन जर्नलिस्ट वेल्फेयर ट्रस्ट की महिला पत्रकारों से मुलाकात के दौरान सरकार की योजनाओं, महिला सशक्तिकरण और प्रदेश के विकास मॉडल पर खुलकर बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतियों से भरे पत्रकारिता क्षेत्र में महिलाएं जिस मजबूती और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं, वह प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता हित में गति और ईमानदारी के साथ काम कर रही है और मीडिया से मिलने वाले फीडबैक व सूचनाओं पर वह स्वयं संज्ञान लेते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि महिला, युवा, किसान और गरीब व्यक्ति इस विजन के चार प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा से शुरू हुआ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान आज सामाजिक बदलाव की बड़ी मिसाल बन चुका है। सीएम सैनी ने बताया कि कई पंचायतों में बेटियों की जन्म दर बेटों से अधिक दर्ज की गई है और ऐसी पंचायतों को सम्मानित करने के साथ महिला सरपंचों को ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया गया है।
‘ड्रोन दीदी’ से लेकर अटल कैंटीन तक महिलाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पंचकूला के स्वदेशी मेले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एक महिला ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की और बेटी की शादी की चिंता तक खत्म हो गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अनाज मंडियों में किसानों के लिए शुरू की गई अटल कैंटीनों का संचालन भी महिलाएं कर रही हैं। वहीं ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना में हरियाणा देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
पंजाब सरकार पर भी साधा निशाना
पंजाब की स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान हरियाणा सरकार ने राहत और सहायता पहुंचाने में तेजी दिखाई, जबकि पंजाब सरकार किसानों को फसल खराबे के मुआवजे की सही जानकारी तक नहीं दे पाई। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में पंजाब की जनता इसका जवाब देगी।
‘परिवार को समय देना सबसे मुश्किल काम’
मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान अपने निजी जीवन का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि व्यस्त सरकारी कार्यों के कारण वह सप्ताह में मुश्किल से एक-दो बार ही अपने बच्चों से मिल पाते हैं। हाल ही में बेटी के साथ वृंदावन जाने की योजना भी जरूरी बैठक के कारण टालनी पड़ी।
