अमेरिका के सामने क्यों झुक रहा भारत?... ‘मिस्टर सिंह’ वाले विज्ञापन पर मचा बवाल, कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
भारत के हितों की मजबूती से पैरवी क्यों नहीं कर पा रही मोदी सरकार : कांग्रेस
Mister Singh Ad Dispute : कांग्रेस ने अमेरिकी गृह विभाग के एक विवादित विज्ञापन को भारतीय लोगों का अपमान बताते हुए शुक्रवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि आखिर वह भारत के हितों की मजबूती से पैरवी क्यों नहीं कर पा रही है तथा बार-बार कमजोर क्यों साबित हो रही है? पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि विदेश नीति में मित्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन राष्ट्रहित, भारतीय लोगों की गरिमा और भारत की संप्रभुता सर्वोपरि हैं तथा इन पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग के उस विज्ञापन पर विवाद बढ़ गया है जिसमें तथाकथित 'मिस्टर सिंह' को खुद देश छोड़ने के लिए कहते हुए संदेश लिखा गया है। अधिकार समूहों ने इस विज्ञापन को ''नस्लवादी'' और ''अमेरिका-विरोधी'' करार दिया है। गृह सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस वाले वाणिज्यिक चालकों के खिलाफ अपने अभियान के तहत सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार तस्वीरों का इस्तेमाल किया जिसमें भूरी दाढ़ी वाले एक व्यक्ति को दिखाते हुए संदेश लिखा गया है-''हमारी सड़कों से दफा हो जाओ, 'मिस्टर सिंह' आपको वाहन चलाना नहीं आता।''
रमेश ने इस विज्ञापन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति या समुदाय का अपमान नहीं, बल्कि सभी भारतीय नागरिकों की गरिमा का अपमान है। उन्होंने कहा कि ऐसी नस्ली रूढ़ियों और सरकारी स्तर पर की गई अभद्रता का कड़ा प्रतिवाद होना चाहिए था। रमेश के अनुसार, अमेरिका में व्यापक विरोध के बाद गृह सुरक्षा विभाग को यह पोस्ट हटानी पड़ी, लेकिन इसके बाद भी विभाग अपने आधिकारिक पोस्ट के जरिए इस अभियान और उसकी भाषा का बचाव कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि भारतीयों के इस कथित अपमान पर भारत सरकार की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई कड़ा प्रतिवाद क्यों नहीं किया गया ?
रमेश ने अमेरिका से भारतीय लोगों को कथित तौर पर हथकड़ियों और पैरों में बेड़ियों के साथ सैन्य विमान से भारत भेजे जाने के मामले का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय भी सरकार ने भारतीयों की गरिमा के लिए पर्याप्त ढंग से आवाज नहीं उठाई। उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए एकतरफा अतिरिक्त शुल्क का जिक्र करते हुए भी सरकार की कूटनीतिक क्षमता पर सवाल उठाए।
रमेश ने आरोप लगाया कि ''विश्व गुरु'' होने का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में भारत की कूटनीतिक ताकत इतनी कमजोर हो गई है कि देश के हितों और संप्रभुता पर ''एक के बाद एक आघात'' हो रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, ''क्या मित्रता का अर्थ यह है कि ट्रंप प्रशासन भारतीय लोगों का अपमान करता रहे, भारत के आर्थिक और सामरिक हित प्रभावित होते रहें और मोदी सरकार हर बार अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए हेडलाइन मैनेजमेंट करती रहे?'' कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सरकार को देश को जवाब देना होगा कि वह भारत के हितों की मजबूती से पैरवी क्यों नहीं कर पा रही है?

