कौन हैं चिराग वीर सिंह सराओ? US Air Force Academy में पहुंचे पहले केशधारी सिख-अमेरिकी
पंजाबी मूल के युवा ने धार्मिक पहचान बरकरार रखते हुए हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि, Air Force और Naval ROTC की पूर्ण छात्रवृत्तियां भी मिलीं
अमेरिका की प्रतिष्ठित US Air Force Academy में प्रवेश पाने वाले पहले केशधारी सिख-अमेरिकी चिराग वीर सिंह सराओ इन दिनों चर्चा में हैं। अपनी धार्मिक आस्था के प्रतीकों केश और दाढ़ी को बरकरार रखते हुए सैन्य प्रशिक्षण की अनुमति मिलने के बाद उनकी उपलब्धि को सिख समुदाय और भारतीय मूल के अमेरिकियों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
चिराग वीर सिंह सराओ पंजाबी मूल के सिख-अमेरिकी हैं और उनके परिवार की जड़ें पंजाब से जुड़ी हैं। उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखते हुए अमेरिका की शीर्ष सैन्य अकादमी में प्रवेश हासिल किया। केशधारी सिख अपने धर्म के अनुसार बाल और दाढ़ी नहीं कटवाते तथा इन्हें अपनी आस्था का अभिन्न हिस्सा मानते हैं।
सराओ को 4 अप्रैल को US Air Force Academy में नियुक्ति (अपॉइंटमेंट) मिली थी। इसके बाद 20 जून को उन्हें केश और दाढ़ी सहित अपनी धार्मिक पहचान के साथ प्रशिक्षण लेने की आधिकारिक अनुमति (रिलिजियस एकोमोडेशन) दी गई। उन्होंने 24 जून को इन-प्रोसेसिंग डे (I-Day) पर अकादमी में औपचारिक रूप से प्रवेश लिया और वर्तमान में छह सप्ताह के बेसिक सैन्य प्रशिक्षण (बूट कैंप) से गुजर रहे हैं।
प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में भी मिला था प्रवेश
यूएस एयर फोर्स अकादमी में चयन से पहले सराओ को एयर फोर्स रिजर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स (आरओटीसी) और नेवल रिजर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स (आरओटीसी) की पूर्ण छात्रवृत्तियां मिली थीं। इसके अलावा उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया (यूएससी) और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन में भी प्रवेश मिला था। हालांकि, उन्होंने सैन्य सेवा को अपना करियर चुना।
क्या है US Air Force Academy?
कोलोराडो स्प्रिंग्स स्थित US Air Force Academy अमेरिका की प्रमुख सैन्य शिक्षण संस्थाओं में शामिल है। यहां स्नातक शिक्षा के साथ सैन्य और नेतृत्व प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कैडेटों को US Air Force या US Space Force में सेकेंड लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन दिया जाता है।

