Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

ममता बनर्जी पर आया संकट तो शत्रुघ्न सिन्हा का भावुक ऐलान, बोले- मुश्किल समय में साथ नहीं छोड़ूंगा

मेरा कहीं और जाने का कोई इरादा नहीं है

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

तृणमूल कांग्रेस सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने आज कहा कि मुश्किल समय में वह पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। जब वह अपने राजनीतिक करियर में एक कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी थीं। पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से सांसद ने कहा कि कुछ लोग मजबूरी, डर या प्रलोभन के कारण बनर्जी का साथ छोड़ सकते हैं, लेकिन उनका सैद्धांतिक रुख यह है कि वह न तो पार्टी और न ही नेता को छोड़ेंगे।

मेरा कहीं और जाने का कोई इरादा नहीं

मैं अपने लिए तीन लाइन का व्हिप जारी कर रहा हूं- मैं तृणमूल कांग्रेस और ममता जी के साथ था, मैं तृणमूल कांग्रेस और ममता जी के साथ हूं तथा मैं तृणमूल कांग्रेस और ममता जी के साथ ही रहूंगा। मेरा कहीं और जाने का कोई इरादा नहीं है। 3 लाइन का व्हिप आमतौर पर राजनीतिक दलों द्वारा संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतदान से पहले जारी किया जाता है। सिन्हा का यह बयान ऑनलाइन प्रसारित हो रही तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों की कथित सूची में उनका नाम आने के बाद आया है।

Advertisement

12 साल पूरे होने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं

केंद्रीय मंत्री रह चुके सिन्हा पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ थे और वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से पहले सिन्हा कांग्रेस में भी थे। सिन्हा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। सिन्हा ने पोस्ट में कहा कि समाज और देश के हमारे मित्र और मार्गदर्शक, माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह शायद अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। आपके लंबे, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करता हूं। जय हिंद!''

Advertisement

कुछ सच बोल रहे, कुछ अफवाहें फैला रहे

उन्होंने कहा कि मैं ममता बनर्जी का साथ उनके कठिन समय में नहीं छोड़ूंगा.... जब मैं 2019 में (लोकसभा) चुनाव (पटना से) हार गया था, तो बहुत कम लोग मेरे साथ खड़े थे और ममता बनर्जी उन लोगों में से एक थीं, जो मेरे साथ खड़े थे। सिन्हा ने 2019 का चुनाव बिहार के पटना साहिब निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, जबकि उनकी पत्नी पूनम सिन्हा ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ से समाजवादी पार्टी (सपा) की उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि सभी राजनीतिक दलों में उनके दोस्त हैं, लेकिन वह बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। पिछले कुछ दिनों से मेरे बारे में कई तरह की अटकलें हैं। कुछ लोग सच बोल रहे हैं, जबकि कुछ अफवाहें फैला रहे हैं। कुछ लोगों ने दावा किया है कि मैं तथाकथित बागी समूह में शामिल हो गया हूं।

ममता जी मेरे कठिन समय में मेरे साथ थीं

सिन्हा ने कहा कि वह ''स्वभाव से विद्रोही हैं''। वह ''हमेशा सच बोलते हैं'' और अपनी बात को बेबाकी के साथ रखते हैं। इसलिए मैं अपनी बात स्पष्ट कर रहा हूं.... ममता जी मेरे कठिन समय में मेरे साथ थीं, इसलिए मैं उनके कठिन समय में उनका साथ नहीं छोड़ सकता। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी जीत का श्रेय तृणमूल कांग्रेस, ममता और आसनसोल की जनता को दिया और स्पष्ट किया कि उन्हें बागी खेमे में शामिल होने का आमंत्रण मिलने के बावजूद वह इसमें शामिल नहीं हुए।

Advertisement
×