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Air India की फुकेत-दिल्ली उड़ान में 36 हजार फीट पर क्या हुआ? AAIB ने खोले राज

Air India AI2379 AAIB : तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम ने कुछ ही सेकंड में खोया दबाव, ऑटोपायलट हुआ डिस्कनेक्ट; PIC के ड्रग टेस्ट में भी आया ‘नॉन-नेगेटिव’ परिणाम

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Air India AI2379 AAIB : एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान AI2379 में 4 अगस्त को 36,000 फीट की ऊंचाई पर अचानक विमान का संतुलन बिगड़ने की घटना में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम ने कुछ ही सेकंड में दबाव खो दिया था। इसके बाद ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हुआ और स्टॉल चेतावनी सक्रिय हो गई। विमान अपनी निर्धारित ऊंचाई से कुल 664 फीट ऊपर-नीचे हुआ। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

इस घटना में 20 यात्रियों और चार केबिन क्रू समेत 24 लोग घायल हुए थे। इनमें चार को गंभीर चोटें आईं। A320 विमान VT-EXO में 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे।

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PIC के ड्रग टेस्ट ने जांच को दी दूसरी दिशा

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AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, 34 वर्षीय पायलट-इन-कमांड (PIC) के साइको-एक्टिव पदार्थ की जांच में प्रारंभिक परीक्षण और बाद में किए गए पुष्टिकरण रक्त परीक्षण, दोनों में परिणाम ‘नॉन-नेगेटिव’ आया। सह-पायलट के दोनों परीक्षण निगेटिव रहे।

AAIB ने PIC के पुष्टिकरण परीक्षण के परिणाम को गंभीर चिंता का विषय बताया है। ब्यूरो ने अंतरिम सुरक्षा सिफारिश में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से साइको-एक्टिव पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्रवाई करने को कहा है।

चार सेकंड में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में दबाव खत्म

रिपोर्ट के मुताबिक, 4 अगस्त को 04:02:43 UTC पर विमान के फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम ने ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम में दबाव कम होने का पता लगाया। चार सेकंड बाद ब्लू और येलो सिस्टम में भी दबाव खत्म होने का संकेत मिला।

04:02:48 बजे ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया और लगातार चेतावनी की आवाज सुनाई दी। इसके तीन सेकंड बाद करीब दो सेकंड के लिए स्टॉल चेतावनी सक्रिय हुई।

विमान को उस समय सह-पायलट उड़ा रहे थे। उन्होंने पहले विमान को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन बाद में PIC ने नियंत्रण संभाल लिया। विमान FL360 से 372 फीट ऊपर गया और फिर निर्धारित ऊंचाई से 292 फीट नीचे आ गया।

इसके बाद ब्लू हाइड्रोलिक सिस्टम में दबाव बहाल हुआ। कुछ सेकंड बाद येलो और ग्रीन सिस्टम भी सामान्य हो गए और फ्लाइट-कंट्रोल सतहों का संचालन बहाल हो गया।

उड़ान के बाद की रिपोर्ट में ग्रीन सिस्टम में कम दबाव, उसके बाद ब्लू और येलो सिस्टम में दबाव की समस्या, ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट, दोनों एलिवेटर से जुड़ी गड़बड़ियां और येलो व ब्लू सिस्टम के रिजर्वायर में कम स्तर दर्ज किया गया।

PTU में खराबी थी, लेकिन हादसे से संबंध नहीं मिला

विमान 28 जुलाई से पावर ट्रांसफर यूनिट (PTU) को मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट (MEL) के तहत रखते हुए फुकेत से उड़ान भर रहा था। हादसे से सात दिन पहले से यह स्थिति थी। हालांकि, AAIB ने फिलहाल PTU की खराबी को घटना से नहीं जोड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान से पहले जांच और पायलटों के वॉक-अराउंड निरीक्षण में कोई अन्य गड़बड़ी नहीं मिली थी। विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़े कुछ हिस्सों को आगे की जांच के लिए निकाल लिया गया है।

मौसम की खराबी की सूचना नहीं थी

शुरुआत में घटना को टर्बुलेंस से जुड़ा माना गया था, लेकिन प्रारंभिक जांच में अब तकनीकी पहलू पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। AAIB के अनुसार, घटना के समय न तो पायलटों और न ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने खराब मौसम की सूचना दी थी।

घटना के समय सीट बेल्ट संकेत बंद थे। विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद 24 लोगों को चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी। जोरदार झटके से केबिन की छत के पैनल टूटकर विकृत हो गए। ओवरहेड बिन उखड़ गए, हैंडरेल टूटे और शौचालय की कमोड भी अपनी जगह से उखड़ गई।

हाइड्रोलिक सिस्टम सामान्य होने के बाद पायलटों ने घायलों की स्थिति का आकलन किया और नजदीकी हवाई अड्डे पर उतरने के बजाय दिल्ली जाने का फैसला किया। बाद में उन्होंने दिल्ली ATC से मेडिकल प्राथमिकता मांगी और विमान सुरक्षित उतरा।

PIC के पास 5,055 घंटे का उड़ान अनुभव था और उनका पूरा अनुभव A320 पर था। सह-पायलट के पास 1,393 घंटे का अनुभव था। उड़ान से पहले दोनों ने 21 घंटे 59 मिनट का विश्राम किया था।

तीनों सिस्टम एक साथ क्यों हुए प्रभावित, अब इसकी जांच

AAIB अब यह पता लगाने में जुटा है कि तीनों अलग-अलग हाइड्रोलिक सिस्टम ने लगभग एक साथ दबाव क्यों खोया। एयरबस के तकनीकी विशेषज्ञों ने 13 से 15 अगस्त के बीच दिल्ली में विमान की जांच की थी। इसके बाद हाइड्रोलिक सिस्टम के हिस्से और नमूने जांच के लिए लिए गए।

जांच में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डिंग, रखरखाव और परिचालन रिकॉर्ड, ईंधन व तेल के नमूने तथा ATC डेटा की भी जांच की जा रही है।  AAIB ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट प्रारंभिक है और अभी घटना की संभावित वजह निर्धारित नहीं की गई है।

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