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West Bengal Elections : बंगाल की मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटाए, आयोग ने जारी किए आंकड़े

निर्वाचन आयोग की बड़ी कार्रवाई

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पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव से पहले कृष्णनगर में मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान अपना नाम कटने के बाद न्यायिक अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए कतार में खड़े लोग। (फोटो: पीटीआई)
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West Bengal Elections : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद बड़ी कार्रवाई की है। आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य की मतदाता सूची से लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इस प्रक्रिया के बाद अब राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है।

निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष नवंबर में शुरू हुई यह पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और चरणबद्ध तरीके से संपन्न की गई है। आंकड़ों के अनुसार, कुल हटाए गए नामों में 63.66 लाख नाम शुरुआती प्रक्रिया में हटाए गए थे, जबकि 'विवेचनाधीन' श्रेणी में रखे गए 60.06 लाख मतदाताओं में से जांच के बाद 27.16 लाख और नाम हटा दिए गए। आयोग ने पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब जिलावार आंकड़े सार्वजनिक कर दिए हैं।

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पहले चरण के लिए मतदाता सूची 'फ्रीज'

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में होने हैं। नियमों के अनुसार, 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान (152 सीटें) के लिए मतदाता सूची सोमवार आधी रात के बाद 'फ्रीज' कर दी गई है। अब इस चरण के लिए सूची में कोई नया नाम शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण की 142 सीटों पर 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए सूची 9 अप्रैल को फ्रीज की जाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट में 13 अप्रैल को सुनवाई

अधिकारी के अनुसार, सूची में अब किसी भी प्रकार के बदलाव का फैसला कानूनी प्रावधानों और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर निर्भर करेगा। गौरतलब है कि एसआईआर मामले पर सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई 13 अप्रैल को करने वाला है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ई-हस्ताक्षर की लंबित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अंतिम आंकड़ों में बहुत मामूली बदलाव की संभावना हो सकती है।

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