West Asia Tension : एक्साइज ड्यूटी कट पर कांग्रेस का तंज- मूर्ख नहीं बनाए, उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दे सरकार
संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल विपणन कंपनियां घाटा झेल रही
West Asia Tension : कांग्रेस ने तेल विपणन कंपनियों की मदद के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाए जाने के बाद शुक्रवार को कहा कि सरकार को सुर्खियां बटोरने और लोगों को मूर्ख बनाने के बजाय उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत देना चाहिए।
सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों से निपटने में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) जैसी तेल विपणन कंपनियों की मदद करने के लिए पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''अगर आपने पेट्रोल और डीजल की कीमतें 'कम होने' की सुर्खियां देखीं और सोचा कि सरकार ने आपकी जेब को राहत दी है तो आप गलत हैं। फिलहाल, डीलरों और उपभोक्ताओं के लिए कीमतें समान हैं। वास्तव में 'विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क' को कम किया गया है जो तेल विपणन कंपनियों द्वारा सरकार को भुगतान किए जाने वाला शुल्क है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से तेल विपणन कंपनियां घाटा झेल रही हैं। सरकार अब केवल उस बोझ का एक छोटा सा हिस्सा साझा करने पर सहमत हुई है, लेकिन 'विशेष अतिरिक्त' शुल्क को कम कर रही है, वह भी लगभग एक महीने बाद। उन्होंने उपभोक्ताओं के लिए राहत सिर्फ कहानियों में है, वास्तविकता में नहीं है। खेड़ा ने दावा किया, ''सरकार को सुर्खियां बटोरने और लोगों को बेवकूफ बनाने के बजाय उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत देने पर ध्यान देना चाहिए।''

