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West Asia Crisis : खाड़ी देशों से लौटे भारतीय यात्रियों ने कहा- स्वदेश पहुंचने पर ली राहत की सांस

मिसाइल को मार गिराया जा रहा था, लेकिन यह दृश्य बेहद डरावना था

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West Asia Crisis : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दुबई और खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय यात्रियों ने स्वदेश लौटने पर अपने भयावह अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि धमाकों की आवाज सुनने, आसमान को चीरते हुए मिसाइलों के गुजरने, उड़ानों के रद्द होने, हवाई अड्डों पर लंबी प्रतीक्षा और आर्थिक परेशानियों के बीच कैसे उन्होंने वहां बेहद कठिन समय बिताया।

हालांकि, भारत पहुंचने के बाद ही उन्होंने राहत की सांस ली तथा केंद्र और राज्य सरकारों का आभार जताया। चांदनी चौक से लोकसभा सदस्य प्रवीण खंडेलवाल ने मंगलवार को बताया कि उनकी बेटी, जो व्यावसायिक यात्रा पर दुबई गई थी, इजराइल-ईरान संघर्ष के कारण पिछले तीन दिनों से वहां फंसी हुई थी और अब सकुशल भारत लौट आई है। उड़ानें रद्द होने के कारण वह वापस नहीं आ पा रही थी। अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त रूप से सैन्य हमले किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजराइल, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दुबई जैसे वैश्विक व्यापारिक केंद्रों पर ड्रोन और मिसाइल दागी।

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दुबई से लौटे यात्री सुनील गुप्ता ने कहा कि मुझे उस वक्त तक कोई राहत महसूस नहीं हुई, जब तक कि विमान दिल्ली में उतर नहीं गया। अनिश्चितता बहुत ज्यादा थी। नोएडा निवासी अरविंद ने बताया कि उड़ान रद्द होने से उन्हें चार अतिरिक्त दिन दुबई में रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमने आसमान में आग के गोले देखे। मिसाइल को मार गिराया जा रहा था, लेकिन यह दृश्य बेहद डरावना था। कई लोग कुछ दिनों के लिए ही गए थे, लेकिन वहां ठहरने का खर्च उठा पाना मुश्किल हो गया था। ईरान में पढ़ाई कर रही एक भारतीय छात्रा के पिता कुंवर शकील अहमद ने बताया कि उनकी बेटी के हॉस्टल के पास विस्फोट की आवाज सुनी जा रही है। एक विस्फोट के बाद हॉस्टल की छत और प्लास्टर के टुकड़े गिर गए। उन्होंने कहा कि आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां रह रही लड़कियां किस डर से गुजर रही होंगी।

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मस्कट से लौटे सुहैल अहमद ने हवाई अड्डों पर लंबी कतारों और अव्यवस्था की शिकायत की। उन्होंने कहा कि कई परिवार परेशान नजर आ रहे थे और उनके पैसे भी खत्म हो चुके थे। बेंगलुरु के केम्पागौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर सोमवार रात, यूएई से पहुंचे यात्रियों के चेहरों पर राहत साफ नजर आ रही थी। अबू धाबी में कार्यरत सौरभ शेट्टी ने बताया कि 28 फरवरी को हवाई अड्डे पर अचानक मिसाइल हमले की चेतावनी दी गई। हमें खिड़कियों से दूर बैठने को कहा गया। बाद में हमने बाहर मिसाइल देखी।

हमने कभी सोचा भी नहीं था कि अबू धाबी जैसे सुरक्षित शहर में ऐसा होगा। बगलकोट जिले के गिरिमालप्पा केरूर, जो पेरिस जाने वाले थे, ने बताया कि लगभग 15 मिसाइल को मार गिराया गया। एतिहाद एयरवेज ने उन्हें सुरक्षित होटल में ठहराया। उन्होंने अपनी आगे की यात्रा रद्द कर बेंगलुरु लौटने का फैसला किया। न्यूयॉर्क से चेन्नई लौट रहीं शुभा ने बताया कि दुबई हवाई क्षेत्र बंद होने की घोषणा के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर गया था। एक अन्य यात्री सैयद अली ने कहा कि दुबई हवाई अड्डे पर करीब 20,000 लोग लंबी कतारों में खड़े थे।

कई बच्चे रो रहे थे। हालांकि, होटल प्रशासन ने मदद की। कोल्हापुर के 23 पर्यटक, जो दुबई में ड्रोन हमले के कारण भयभीत थे, भारतीय और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रशासन की मदद से सकुशल मुंबई पहुंचे व अपने घर लौटे। भारत लौटे ज्यादातर यात्रियों ने कहा कि विमान के भारतीय धरती पर उतरते ही उन्होंने राहत की सांस ली।

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