West Asia Conflict Impact: पश्चिम एशिया में युद्ध लंबा चला तो भारत में उर्वरकों की सप्लाई पर पड़ सकता है असर
West Asia Conflict Impact: FACT रॉक फॉस्फेट और फॉस्फोरिक एसिड जैसे कच्चे माल के लिए पश्चिम एशिया के कई देशों पर निर्भर
West Asia Conflict Impact: भारत में इस समय उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा खिंचा तो समस्या पैदा हो सकती हैं। दक्षिण भारतीय राज्यों को उर्वरकों की आपूर्ति करने वाली सबसे बड़ी कंपनी फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (FACT) के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी FACT रॉक फॉस्फेट और फॉस्फोरिक एसिड जैसे कच्चे माल के लिए पश्चिम एशिया के कई देशों पर निर्भर है, जिन्हें समुद्री मार्ग से लाया जाता है। विश्लेषकों के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा सकता है।
कोच्चि स्थित FACT के प्रबंध निदेशक एस शक्तिमणि ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''हमारे पास पर्याप्त यूरिया उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि युद्ध की स्थिति शायद एक महीने के भीतर सुलझ जाएगी। हमारे पास खरीफ सत्र के लिए पर्याप्त यूरिया है और हमें कोई समस्या नहीं होगी।''
हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि अगर मौजूदा स्थिति अगले छह महीनों तक जारी रहती है, तो समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह अगले रबी फसल सत्र में दिक्कतें पैदा कर सकता है और इससे निपटने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
शक्तिमणि ने कहा कि FACT जैसी कंपनियां न केवल पश्चिम एशिया से बल्कि ऑस्ट्रेलिया से भी गैस प्राप्त करती हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उस क्षेत्र में गैस पाइपलाइन के साथ कोई समस्या नहीं है। कुछ स्थानों पर अस्थिरता है, लेकिन वह उर्वरक क्षेत्र के लिए समस्या नहीं है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने विभिन्न कंपनियों से डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और डबल सुपर फॉस्फेट (DSP) का भंडार हासिल कर लिया है, जिससे कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की हर उर्वरक आवश्यकता को पूरा करना हमारा कर्तव्य है और हम इसे पूरा करेंगे।

