Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

West Asia conflict : वेस्ट एशिया हालात के बीच केंद्र सतर्क, PM मोदी शाम को करेंगे हाई लेवल मीटिंग

मोदी ने ऊर्जा स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाई

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के मद्देनजर पेट्रोलियम, ऊर्जा और उर्वरक क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए रविवार शाम वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य देश भर में निर्बाध आपूर्ति और कुशल वितरण सुनिश्चित करना है। सरकार इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है। सरकार का मुख्य जोर उपभोक्ता और उद्योग के हितों की रक्षा के लिए वैश्विक घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने पर है। मोदी ने 12 मार्च को कहा था कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने विश्वव्यापी ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है जो राष्ट्रीय चरित्र की एक गंभीर परीक्षा है।

Advertisement

इससे शांति, धैर्य एवं लोगों में अधिक जागरूकता के जरिये निपटने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में उत्पन्न व्यवधानों से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है। मोदी ने कहा था कि यह पता लगाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों से हम कैसे पार पा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया के कई नेताओं से बात की है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर 28 फरवरी को हमला किए जाने के बाद युद्ध की शुरुआत हुई।

Advertisement

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के अपने कई पड़ोसी देशों पर हमला किया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया है जो एक प्रमुख समुद्री मार्ग है और इसके जरिये दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा की ढुलाई होती है। संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने बहुत कम पोतों को इससे गुजरने की अनुमति दी है। इसके कारण भारत समेत कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति में गंभीर व्यवधान पैदा हो गया है। संघर्ष शुरू होने के बाद से मोदी ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान के नेताओं से टेलीफोन पर बातचीत की है।

Advertisement
×