WEF 2026 में दावोस से बड़ा ऐलान: अदाणी समूह का विमानन, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर मेगा दांव
WEF 2026: अवसंरचना और ऊर्जा पर फोकस, अदाणी समूह की 6 लाख करोड़ की निवेश योजना
WEF 2026: विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की 56वीं वार्षिक बैठक में अदाणी समूह ने भारत के लिए छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की व्यापक योजना प्रस्तुत की है। यह निवेश विमानन, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी अवसंरचना, डिजिटल मंचों और उन्नत विनिर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा। समूह का कहना है कि यह पहल भारत की वृद्धि प्राथमिकताओं के अनुरूप निजी पूंजी के बड़े पैमाने पर निवेश के नए चरण का संकेत देती है।
असम में विमानन और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर
अदाणी समूह के अनुसार, प्रस्तावित निवेश महाराष्ट्र, असम और झारखंड में किए जाएंगे। समूह ने असम में गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को केंद्र बनाकर विमानन एवं वैमानिकी इकोसिस्टम के विस्तार की योजना साझा की। हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025 में किया था और इसके अगले महीने से परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
योजनाओं में आतिथ्य और खुदरा अवसंरचना, लेवल-डी फुल-फ्लाइट सिमुलेटर से युक्त विमानन प्रशिक्षण अकादमी और चौड़े व संकीर्ण विमानों के लिए एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत एवं संचालन) सुविधाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य गुवाहाटी को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख क्षेत्रीय विमानन केंद्र बनाना है।
इसके साथ ही असम के कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की घोषणा की गई है, जिनसे 2,700 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी जाएगी। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की निर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए सीमेंट विनिर्माण और ग्राइंडिंग इकाइयों में भी निवेश किया जाएगा।
महाराष्ट्र में मेगा प्रोजेक्ट्स की श्रृंखला
महाराष्ट्र में अदाणी समूह के निवेश शहरी पुनर्विकास, डिजिटल अवसंरचना और अगली पीढ़ी की ऊर्जा प्रणालियों पर केंद्रित होंगे। इनमें धारावी पुनर्विकास परियोजना, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जहां 25 दिसंबर को परिचालन शुरू हुआ) और इससे जुड़े लॉजिस्टिक्स, वाणिज्यिक व आतिथ्य विकास शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त राज्य में 3,000 मेगावाट क्षमता के हरित डेटा सेंटर पार्क, हवाई अड्डे के पास एकीकृत ‘एरिना’ जिला, 8,700 मेगावाट की पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाएं, कोयला गैसीकरण पहल, सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब्रिकेशन सुविधाएं तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी पर आधारित परमाणु ऊर्जा परियोजना भी प्रस्तावित हैं।
रोजगार और आत्मनिर्भरता पर फोकस
अदाणी समूह ने कहा कि इन निवेशों का उद्देश्य रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी आधारित समावेशन को बढ़ावा देना है। साथ ही ये योजनाएं ऊर्जा संक्रमण, विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय संतुलित विकास जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।

