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भ्रष्टाचार और अन्याय से भी आजादी चाहिए... हाथों में तिरंगा, जुबां पर ‘वंदे मातरम्’ लेकर भर्ती परीक्षाओं के खिलाफ छात्राओं का अनोखा प्रदर्शन

नौकरी अभ्यर्थियों का आंदोलन 22वें दिन जारी, रांची में निकाली 'तिरंगा यात्रा'

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रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र और उम्मीदवार झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) की परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर झारखंड सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पीटीआई फोटो
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Jharkhand Student Protest : झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को यहां 'तिरंगा यात्रा' निकाली। राज्य की भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के 22वें दिन विरोध स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक 'तिरंगा यात्रा' निकाली गई। हाथों में तिरंगा थामे और 'भारत माता की जय' तथा 'वंदे मातरम्' जैसे देशभक्ति के नारे लगाते हुए हजारों अभ्यर्थी व अन्य लोग इस यात्रा में शामिल हुए। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मार्च में शामिल होने के लिए सदर अस्पताल से बाहर नहीं जाने दिया। महतो 14 दिन से भूख हड़ताल पर हैं।

अस्पताल से बाहर आने की कोशिश के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी हाथापाई के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी)-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) रिफॉर्म मंच के बैनर तले प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने कहा, ''स्वतंत्रता का अर्थ केवल अंग्रेजों से आजादी नहीं है, बल्कि अवसरों की असमानता, भ्रष्टाचार और अन्याय से भी आजादी है।

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देश के युवाओं को पढ़ना चाहिए, कड़ी मेहनत करनी चाहिए और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए - यही लोकतंत्र की असली ताकत है।'' मंच ने कहा, ''उन सभी युवाओं को इस स्वतंत्रता दिवस पर सलाम जो अपने भविष्य के लिए शांतिपूर्ण ढंग से संघर्ष कर रहे हैं। युवाओं की आवाज भारत का भविष्य है। जय हिंद!'' इससे पहले, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नौकरी के अभ्यर्थियों की कड़ी मेहनत को प्रश्नपत्र लीक माफिया, भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा, ''झारखंड में लाखों युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके माता-पिता अपने सामर्थ्य से बढ़कर उन्हें शिक्षित कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मेहनत का सम्मान करना और उनकी प्रतिभा के साथ न्याय सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।'' उन्होंने कहा, ''भर्ती परीक्षाओं को लेकर हाल में कई सवाल उठाए गए हैं। जब परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं, तो इससे केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती बल्कि पूरी पीढ़ी का भरोसा डगमगा जाता है। मैं झारखंड के हर छात्र को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उसकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट व्यवस्था या अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।''

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