गैंगस्टर नेटवर्क पर सीधा वार: पंजाब पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’, 12000 पुलिसकर्मी मैदान में
गैंगस्टर नेटवर्क ध्वस्त करने उतरी पुलिस, 12000 जवान और 2000 टीमें मैदान में
पंजाब में संगठित अपराध की जड़ों पर सीधा प्रहार करते हुए पंजाब पुलिस ने मंगलवार कोव्यापक स्तर का विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया। इस अभियान का लक्ष्य विदेशों में सक्रिय 60 गैंगस्टरों और पंजाब में फैले उनके 1200 से अधिक सहयोगियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। पुलिस के अनुसार अब तक 1200 सहयोगियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और कार्रवाई लगातार जारी है।
राज्यभर में एक साथ छापेमारी
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि 12000 पुलिसकर्मी एक साथ पूरे राज्य में सक्रिय हैं।
- गैंगस्टरों के परिजनों से जुड़े 600 घरों की तलाशी
- सैकड़ों संदिग्ध ठिकानों और छिपने के स्थानों पर छापे
- उन अन्य राज्यों और क्षेत्रों तक कार्रवाई का विस्तार, जहां से गैंगस्टर नेटवर्क संचालित हो रहे हैं
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं है बल्कि नेटवर्क आधारित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश, रणनीतिक तैयारी के बाद कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि कई स्तरों पर मंथन बैठकों के बाद और मुख्यमंत्री भगवंत मान के सीधे निर्देशों पर यह अभियान शुरू किया गया। उद्देश्य साफ है कि पंजाब को गैंगस्टर संस्कृति से मुक्त किया जाए और डर के माहौल को खत्म किया जाए।
आत्मसमर्पण की अपील, पुनर्वास का भरोसा
डीजीपी ने गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों और समर्थकों से आत्मसमर्पण की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने में सहयोग करेगी। साथ ही चेतावनी दी कि
- गैंगस्टर इकोसिस्टम को पूरी तरह तोड़ा जाएगा
- आर्थिक लेनदेन और फंडिंग के स्रोत उजागर किए जाएंगे
- मदद या संरक्षण देने वालों के खिलाफ शून्य सहनशीलता रहेगी
विदेशों से संचालन करने वाले भी रडार पर
डीजीपी ने साफ कहा कि विदेशों में बैठकर अपराध संचालित करने वाले गैंगस्टर भी सुरक्षित नहीं हैं। भारत सरकार के सहयोग से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और प्रत्यर्पण व निर्वासन की प्रक्रिया को तेज किया गया है। राज्य के भीतर ऐसे तत्वों को संरक्षण देने वालों पर भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
आर्थिक अपराध, संपत्ति जब्ती और जवाबदेही
गैंगस्टरों की आपराधिक आय की गहन जांच की जाएगी।
- अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया जाएगा
- नशा तस्करों के खिलाफ अपनाए गए मॉडल की तर्ज पर कार्रवाई
- जबरन वसूली कॉल पर पूर्ण प्रतिबंध और त्वरित कार्रवाई
डीजीपी ने आंतरिक जवाबदेही पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी गैंगस्टरों की मदद करता पाया गया तो उसे भी गैंगस्टर की तरह ही माना जाएगा।
जेल सुरक्षा मजबूत करने की योजना
डीजीपी ने बताया कि राज्य की जेलों को सुरक्षित बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है। इसके तहत
- जैमर, उन्नत सुरक्षा और निगरानी उपकरण
- जेलों में अवैध संचार पर रोक
- जेल फैक्ट्रियों का आधुनिकीकरण, ताकि बंदियों को रोजगारोन्मुख अवसर मिल सकें
नई विशेष इकाई का गठन
विदेशों में फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल का गठन किया गया है। इस सेल की जिम्मेदारी आईजी काउंटर इंटेलिजेंस अशिष चौधरी को सौंपी गई है, जो हाल ही में एनआईए में 7 वर्ष की प्रतिनियुक्ति पूरी कर लौटे हैं।
- अब तक 21 रेड कॉर्नर नोटिस जारी
- प्रत्यर्पण और डिपोर्टेशन पर विशेष फोकस
सूचना देने के लिए हेल्पलाइन, 10 करोड़ रुपये का इनाम फंड
गैंगस्टरों से जुड़ी जानकारी देने के लिए पंजाब पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया है। साथ ही राज्य सरकार ने क्रिमिनल और एनडीपीएस एक्ट से जुड़ी सूचनाओं के लिए 10 करोड़ रुपये का इनाम फंड मंजूर किया है। डीजीपी ने कहा कि युवाओं के पास यह आखिरी मौका है कि वे मुख्यधारा में लौट आएं, इसके बाद अपराध में शामिल पाए जाने पर किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
राजनीतिक संरक्षण पर स्थिति स्पष्ट
राजनीतिक संबंधों के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि अब तक किसी भी राजनेता और गैंगस्टर के बीच प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आए हैं, लेकिन जांच निरंतर जारी है।

