असम, केरल एवं पुडुचेरी में मतदान आज
पूर्वोत्तर राज्य असम, दक्षिण के केरल और पुडुचेरी में बृहस्पतिवार को मतदान होगा। तीनों ही जगह एक चरण में मतदान हो रहा है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए बृहस्पतिवार को होने वाले चुनाव में अधिकतर सीटों पर भाजपा...
पूर्वोत्तर राज्य असम, दक्षिण के केरल और पुडुचेरी में बृहस्पतिवार को मतदान होगा। तीनों ही जगह एक चरण में मतदान हो रहा है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए बृहस्पतिवार को होने वाले चुनाव में अधिकतर सीटों पर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। भाजपा का इन चुनावों के जरिये राज्य में लगातार तीसरी बार (हैट्रिक) जीत हासिल करने का लक्ष्य है, जबकि कांग्रेस 2016 में सत्ता से बेदखल होने के बाद राज्य में फिर से सरकार बनाने की कोशिश में है। चुनाव मैदान में कुल 722 उम्मीदवार हैं। इनमें मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, राइजोर दल के नेता अखिल गोगोई और असम जातीय परिषद (एजेपी) अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई शामिल हैं। उधर, केरल में 2.71 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। राज्य की सभी 140 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा, जहां 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस मुकाबले में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने तथा विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सत्ता से वनवास खत्म होने की संभावना और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के राज्य में अपना खाता खोलने के प्रयासों की परख होगी।
गोवा के पोंडा में विधानसभा उपचुनाव हाईकोर्ट ने किया रद्द
पणजी (एजेंसी) : मुंबई हाईकोर्ट ने गोवा की पोंडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की अधिसूचना को बुधवार को ‘अमान्य’ घोषित कर दिया। इसके चलते नौ अप्रैल को होने वाला चुनाव रद्द हो गया है। हाईकोर्ट की गोवा पीठ के जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जमसंदेकर ने दो मतदाताओं द्वारा दायर याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ताओं ने इस आधार पर अधिसूचना की वैधता को चुनौती दी थी कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल एक वर्ष से भी कम बचा है। पिछले साल अक्तूबर में गोवा के पूर्व मंत्री रवि नाइक के निधन के बाद पोंडा विधानसभा सीट रिक्त हो गयी थी। निर्वाचन आयोग ने नौ अप्रैल को मतदान और चार मई को मतगणना की अधिसूचना जारी की थी। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत, यदि विधानसभा का शेष कार्यकाल एक वर्ष से कम है तो उपचुनाव कराना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने दलील दी थी कि नव निर्वाचित विधायक का कार्यकाल एक वर्ष से कम होगा।

