Vaishno Devi Special Train: लुधियाना में धमाके से दहली दिल्ली-कटरा स्पेशल ट्रेन, जांच में निकला तकनीकी झटका
Vaishno Devi Special Train: दिल्ली-कटरा स्पेशल के शौचालय हिस्से में तेज आवाज के साथ आई दरार, यात्रियों में मची अफरा-तफरी, रेलवे बोला - विस्फोट नहीं, तकनीकी कारणों की जांच जारी
Vaishno Devi Special Train: लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह कुछ सेकंड के लिए ऐसा माहौल बन गया जैसे किसी बड़े हादसे ने दस्तक दे दी हो। प्लेटफॉर्म पर खड़ी दिल्ली-कटरा स्पेशल ट्रेन में अचानक जोरदार आवाज गूंजी, यात्रियों में हलचल मच गई और लोग सीटें छोड़कर बाहर निकलने लगे। पहली नजर में मामला धमाके जैसा लगा, लेकिन शुरुआती जांच में तस्वीर कुछ अलग सामने आई।
रेलवे और पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कोई विस्फोट नहीं था, बल्कि ट्रेन की बोगियों के बीच तकनीकी खराबी के कारण जोरदार आवाज हुई, जिससे एस-2 कोच के शौचालय वाले हिस्से में दरार आ गई और वहां संरचनात्मक नुकसान दिखाई दिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।
छुट्टियों की भीड़ के बीच अचानक मचा हड़कंप
नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन (04081) शनिवार सुबह सामान्य तरीके से यात्रा कर रही थी। गर्मियों की छुट्टियों के कारण ट्रेन लगभग पूरी तरह भरी हुई थी। सुबह करीब नौ बजे ट्रेन लुधियाना स्टेशन पहुंची। यात्रियों के लिए यह एक सामान्य ठहराव था, लेकिन जैसे ही ट्रेन अगले स्टेशन की ओर बढ़ने लगी, अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी तेज थी कि यात्रियों को लगा कहीं ट्रेन में धमाका तो नहीं हो गया। कई लोग तुरंत अपनी सीटों से उठकर बाहर निकल आए और कुछ देर के लिए प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया।
पुलिस और रेलवे की टीमें तुरंत पहुंचीं
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे कोच की जांच की गई और यात्रियों को एहतियातन बाहर निकाला गया।
अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद साफ किया कि घटना किसी विस्फोट से जुड़ी नहीं दिख रही। लुधियाना के एडीसीपी समीर वर्मा के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया कि ट्रेन की मूवमेंट के दौरान इंजन द्वारा खिंचाव बनने पर बोगियों को जोड़ने वाले हिस्से में तकनीकी समस्या आई, जिसके कारण झटका पैदा हुआ और एस-2 कोच के वॉशरूम हिस्से में दरार आ गई। उन्होंने लोगों से अपील भी की कि बिना पुष्टि किसी तरह की अफवाह न फैलाएं।
आखिर इतनी तेज आवाज क्यों आई
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि यदि विस्फोट नहीं हुआ तो आवाज इतनी तेज कैसे आई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब चलती स्थिति में कोच के किसी हिस्से पर अचानक दबाव बनता है या संरचनात्मक टूट-फूट होती है तो तेज धमाके जैसी आवाज आना असामान्य नहीं माना जाता। फिरोजपुर डिविजन के डीआरएम संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की।
उनके अनुसार ट्रेन चलने के दौरान एस-2 कोच का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, जिसके बाद स्टाफ ने तुरंत ट्रेन रोक दी और सुरक्षा प्रक्रिया लागू की। उन्होंने बताया कि संबंधित कोच लगभग 15 साल पुराना है जबकि सामान्य परिस्थितियों में ऐसे कोच की उपयोग अवधि इससे अधिक मानी जाती है। हालांकि घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दिल्ली से आएगी विशेषज्ञ टीम
रेलवे ने घटना को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञों की टीम को दिल्ली से बुलाने का फैसला किया है। टीम तकनीकी जांच करेगी कि आखिर नुकसान केवल संरचनात्मक था या इसके पीछे कोई और वजह भी थी। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही रही कि तेज आवाज और अफरा-तफरी के बावजूद कोई जानी नुकसान नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित हैं। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि बढ़ती यात्री संख्या और विशेष ट्रेनों के दौर में तकनीकी निगरानी और कोचों की समय पर जांच कितनी अहम हो चुकी है।
