Uttarakhand Forest Guard Recruitment: जंगलों में आग पर नियंत्रण के लिए भर्ती होंगे 1000 नए फॉरेस्ट गार्ड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘शीतलखेत मॉडल’ पूरे प्रदेश में लागू करने और वनाग्नि पर त्वरित नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम घटाने पर दिया जोर
Uttarakhand Forest Guard Recruitment: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक हजार वन रक्षकों (फॉरेस्ट गार्ड) की नियुक्ति करने, प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रखने तथा प्रदेश भर में शीतलखेत मॉडल अपनाने के निर्देश दिए ।
अधिकारियों के साथ यहां एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए 'रिस्पॉन्स टाइम' (प्रतिक्रिया समय) न्यूनतम रखा जाए और घटना की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें ।
इस संबंध में, उन्होंने मोबाइल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराए जाने पर बल दिया।
उन्होंने वनाग्नि नियंत्रण के लिए अल्मोड़ा जिले के 'शीतलखेत मॉडल' को प्रदेशभर में लागू करने पर जोर दिया जिसमें जंगल में आग से नुकसान को कम करने के लिए स्थानीय समुदायों और वन अधिकारियों के बीच सक्रिय सहयोग से उसकी रोकथाम और प्रबंधन पर बल दिया जाता है ।
धामी ने फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाने, आग की रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने तथा आग बुझाने वाले कार्मिकों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ।
मुख्यमंत्री ने वन रक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 1000 नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए तथा साथ ही अधिकारियों को ग्राम समितियों एवं वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा।
धामी ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए । उ
न्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के मद्देनजर वन विभाग के प्रत्येक प्रभाग में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा ।
